झज्जर। गांव दुबलधन के जटेला धाम के महंत आचार्य राजेन्द्र दास ने कहर कि हमारे मन में अनंद जन्म की गंदगी है, जिसको धोना बेहद जरूरी है। ध्यान के लिए बैठोगे तो विचार आएंगे, लेकिन हमें अपने मन में ऐसे विचार लाने है जोकि हमें सार्थक जीवन की ओर ले जाते हो। अच्छे विचार होंगे तभी हमारा जीवन सार्थक होगा। उन्होंने कहा कि पुराना भजन है रहना नहीं देश बेगाना है। जिस प्रकार से हमारे लिए यह देश बेगाना है उसी तरह से यह शरीर भी हमारे लिए बेगाना है। वह शनिवार को अनाजमंडी में स्वामी नितानंद की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सत साहेब की अमृतवाणी का व्याख्यान किया। कार्यक्रम में मंगलाचरण का पाठ हुआ और कबीर की वाणी सुनाई गई। महाराजा राजेन्द्र दास ने उपस्थित श्रद्धालुओं को गुरु का महत्व समझाया।