झज्जर। यदि अब केबल ऑपरेटरों या फिर इंटरनेट कंपनियाें द्वारा बिजली खंभों पर अपनी केबल लगाई तो बिजली निगम द्वारा उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए जल्द ही बिजली वितरण निगम शहर में अभियान शुरू करेगा।
इससे पहले भी एक बार निगम द्वारा शहर में अभियान चलाकर सभी केबल को उतारा गया था, लेकिन अब अभियान के दौरान यदि दोबारा केबल खंभों पर मिलेंगी तो उन केबल ऑपरेटर या इंटरनेट सुविधा देने वाली कंपनियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। बिजली निगम द्वारा जिले में सभी उपभोक्ताओं के खातों को परिवार पहचान पत्र से जोड़ने का काम किया जा रहा है। जिले में 2 लाख 40 हजार बिजली उपभोक्ता है। इसमें से अब तक 16 हजार 500 उपभोक्ताओं के मीटर खाते परिवार पहचान पत्र के साथ अटैच नहीं है। इसके अलावा 65 हजार खातों को टैग करना बाकी है। इसी प्रकार से साढे़ 5 हजार मीटर खाते ऐसे हैं, जिनको दोबारा सत्यापन किया जाएगा। इन साढे़ 5 हजार मीटर धारकों की जानकारी निगम के पास हैं, लेकिन थोड़ी बहुत त्रुटि के चलते उनको दोबारा सत्यापन करने का काम किया जाएगा। इसके लिए निगम द्वारा टीमों का गठन किया गया है, जो टेलीफोन या फिजिकली घर-घर जाकर वेरीफाई करने का काम कर रही है। इसके लिए टीम सदस्यों को आईडी कार्ड भी दिए गए हैं ताकि जनता को कोई दिक्कत नहीं आए। टीम द्वारा केवल परिवार पहचान पत्र और मीटर खाता नंबर मांगा जाएगा और उसे वेरीफाई कर पीपीपी से जाेड़ा जाएगा।
लोगों को संशय कहीं बेनीफिट कट जाएंगे
लोग परिवार पहचान पत्र के साथ मीटर खाता अपडेट नहीं करवा रहे। उनको संशय रहता है कि कहीं वह लाभ से वंचित न रह जाएं। निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पीपीपी से मीटर खाता अटैच को केवल सरकारी सेवाओं का लाभ दिलाने के उद्देश्य से किय जा रहा है।
जन स्वास्थ्य विभाग ने भरा 10 करोड़ रुपये का बिल
बिजली निगम ने कई सरकारी कार्यालयों से बिल व एरियर लेना है। जो बकाया पड़ा हुआ है। हाल ही में जन स्वास्थ्य विभाग ने अपना 10 करोड़ रुपये का बिजली बिल भरा है। इसी प्रकार से अन्य कार्यालयों पर भी लाखों रुपये का बिल लंबित है।
वर्जन
लोगों को चाहिए कि वह अपने परिवार पहचान पत्र को मीटर खाते के साथ जुड़वाएं। इसके लिए टीम घर आकर टेलीफोन से जानकारी लेगी। आम जनता उनका सहयोग कर जानकारी दे। यदि केबल या इंटरनेट संचालक खंभों पर केबल लगाएंगे तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। सरकारी कार्यालय भी बकाया बिल 31 मार्च तक भरे।
यशवीर सिंह, एसई, उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम, झज्जर