खानपुर में तिलकुट व्रत के दौरान कथा सुनने जाती हुई महिलाएं ।संवाद
साल्हावास। क्षेत्र के सकट चतुर्थी पर्व श्रद्धा के साथ मनाया गया। महिलाओं ने सोमवार को तिलकुट उपवास रखकर चौथ माता की कहानी सुनी तथा अपनी संतान के निरोगी जीवन एवं घर में सुख समृद्धि के लिए व्रत रखकर कामना की।
महिलाओं ने पूरा दिन निराहार रहकर व्रत निभाया। महिलाओं ने बताया कि चौथ माता व्रत को चंद्रमा उदय होने के पश्चात अर्ध देकर खोला जाता है। महिलाओं ने इस दौरान व्रत रखकर चौथ माता की कहानी सुनी तथा पुत्र के निरोगी व दीर्घायु होने की कामना के साथ अपने परिवार की बुजुर्ग महिलाओं से आशीर्वाद लिया। महिलाओं ने कहानी के दौरान आसन पर जल का लोटा, तिलकुट, गुड़ व चावल रखकर पूजा-अर्चना की। मान्यता है कि व्रत को करने से घर में सुख-समृद्धि व संतान सुख आता है। मान्यताओं के अनुसार सकट चौथ का व्रत भगवान गणेश के प्रति अपनी आस्था प्रकट करने का त्योहार होता है। सकट चौथ का व्रत माताएं अपनी संतान की लंबी आयु, अच्छी सेहत के लिए रखा जाता है। यह उपवास रखकर वे जीवन में सुख-समृद्धि की कामना के लिए करती हैं। इस दिन सभी माताएं भगवान गणेश का व्रत और पूजन करती हैं जिसे तिल कूट चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। सकट व्रत के पूजन में काले तिल का विशेष स्थान होता है। सकट का व्रत माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है ।