झज्जर। रोहतक जिले के उपमंडल रहे झज्जर को आज ही के दिन 26 साल पहले जिले का दर्जा मिला था। इसकी स्थापना 15 जुलाई 1997 को प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री चौ. बंसीलाल की सरकार में हुई थी।
अब झज्जर जिला 27वें साल में प्रवेश कर रहा है। जिला विकास के पथ पर धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है। थर्मल प्लांट से इसकी पहचान बन चुकी है। यहां के झाड़ली व खानपुर खुर्द में दो थर्मल प्लांट के साथ कई कंपनियां आई हैं। वहीं, अब रेल कॉरिडाेर के माध्यम से झज्जर उड़ान भरने वाला है।
केएमपी के साथ से गुजरने वाला रेल कॉरिडोर झज्जर को सीधे तौर पर बहादुरगढ़, सोनीपत, गुरुग्राम, दिल्ली, फरीदाबाद और पलवल को जोड़ेगा। साथ ही कोसली को भी इस रेल कॉरिडोर से जोड़ने के लिए कनेक्टिविटी का प्रावधान करवा दिया जाएगा। इससे यहां विकास के आैर रास्ते खुल जाएंगे। लोगों को रोजगार मिल सकेगा। साउथ हरियाणा इकोनॉमिक रेल कॉरिडोर फर्रुखनगर से लोहारू वाया-झज्जर, चरखी दादरी और बाढ़डा के रास्ते का सर्वे को रेल मंत्रालय ने मंजूरी दी है, साथ ही सर्वे पर खर्च होने वाले बजट को भी जारी कर दिया है। जो जिले के लोगों के विकास के सपने उड़ान देगा। गढ़ी हरसरू से झज्जर तक दोहरी रेलवे लाइन पर करीब 1225 करोड़ की लागत आएगी। हरियाणा सरकार की ओर से इसे पहले ही मंजूरी मिल चुकी है, जोकि साउथ हरियाणा इकोनॉमिक रेल कॉरिडोर गढ़ी हरसरू, फरुखनगर, झज्जर, चरखी दादरी, लोहारू का ही हिस्सा है। इस कॉरिडोर के निर्माण से हरियाणा व दिल्ली सीधे तौर पर गुजरात की चार बंदरगाहों कांडला, मुंद्रा, नवलखी और जखाऊ से सीधे तौर पर जोड़ेगा, जो प्रदेश के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
रेलवे मंत्रालय ने गढ़ी हरसरू से लोहारू तक (वाया-सुल्तानपुर-फरूखनगर, झज्जर, चरखी दादरी और बाढ़डा होते हुए) दोहरी रेलवे लाइन के फाइनल लोकेशन सर्वे के लिए तीन करोड़ 19 लाख के करीब बजट मंजूर किया गया है।
झज्जर के भविष्य के विकास के सपने
n गुरुग्राम के बसई तक मेट्रो के प्रोजेक्ट का मंजूरी मिल चुकी है। यहां से झज्जर के बाढ़सा को जोड़ने का प्रोजेक्ट तैयार होने की योजना चल रही है क्योंकि यहां से बसई करीब 12 किलोमीटर पड़ता है।
n झज्जर के मुनिमपुर गांव में फूल एवं उत्कृष्टता केंद्र ही स्थापना की जा रही है। इसके जल्द ही लोगों को इसका लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। यह झज्जर जिले के लिए बड़ी परियोजना है। जिसका तेजी से काम चल रहा है।
n झज्जर जिले के निलोठी गांव के पास से गुजरने वाला दिल्ली-जम्मू-कटड़ा एक्सप्रेस वे भी इस साल तैयार होने की संभावना है, जो निलोठी गांव के पास केएमपी को जोड़गा। इसके साथ ही माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए जाने वाले लोगों के लिए सबसे छोटा रास्ता मिलेगा।
n रईया गांव में स्थापित किए जा रहे महाराणा प्रताप कृषि अनुसंधान केंद्र के रीजनल सेंटर का भी विस्तार करने की योजना चल रही है। इससे जिले के ही नहीं बल्कि प्रदेश के किसानों को बड़ा फायदा होगा।
n रेवाड़ी-झज्जर-रोतहक-पानीपत नेशलन हाईवे पर लकड़िया गांव में प्रस्तावित लुआस के रीजनल सेंटर का लाभ भी जल्द ही झज्जर व आसपास के जिलों के लोगों को मिलना शुरू होगा।
n दिल्ली से वाया झज्जर-रोहतक-हिसार रेल लाइन मिलने से होगा झज्जर का विकास। इस समय झज्जर क्षेत्र के विकास के लिए नई रेलवे लाइनों की योजनाएं तैयार हो रही हैं। जल्द ही इन पर काम शुरू होने की उम्मीद बढ़ती जा रही है। गुरुग्राम के गढ़ी हरसरू से फरुखनगगर, झज्जर नई रेलवे लाइन के साथ झज्जर से रोहतक डबल रेल लाइन को प्रोजेक्ट भी तैयार किया जा चुका है।
n खेल के क्षेत्र में जिला के खिलाड़ियों को जल्द ही जिलास्तर का नया खेल स्टेडियम मिलेगा। जिस पर सिलाना गांव के पास निर्माण कार्य चल रहा है। आधुनिक सुविधाओं युक्त खेल स्टेडियम तैयार किया जाएगा।
n किसानों के लिए जलभराव वाले क्षेत्रों में भूमिगत जलस्तर को कम करने के लिए कई प्रोजेक्ट तैयार किए जा रहे हैं। बेरी क्षेत्र में फिलहाल करीब पांच करोड़ की लागत से प्रोजेक्ट तैयार कर करीब एक हजार एकड़ भूमि को कृषि योग्य बनाया जा चुका है। इसके अलावा करीब 6 हजार एकड़ भूमि के सुधार की योजना बताई जा रही है।
n जिले के कई सड़क प्रोजेक्ट मंजूर हो चुके हैं। बहादुरगढ़-झज्जर, छुछकवास-बहुझाेलरी फोरलेन रोड बनने हैं। शहर के अंदर के रोड प्रोजेक्ट पर जल्द काम शुरू होने वाला है। छुछकवास को नया बाईपास मिलने की उम्मीद है।
n स्वास्थ्य के क्षेत्र में झज्जर को रक्तकोष नई प्रयोगशाला की स्थापना की जा रही है। जबकि 100 बैड का नया अस्पताल भवन बनाए जाने की योजना चल रही है। सरकार को इसे मंजूरी के लिए भेजा है।
n झज्जर जिले को 15 नई बसें मिल चुकी हैं और विभाग के बेड़े को मजबूत करने के लिए 15 नई बसें मिलने की संभावना है।
झज्जर के भविष्य के विकास के सपने
- गुरुग्राम के बसई तक मेट्रो के प्रोजेक्ट का मंजूरी मिल चुकी है। यहां से झज्जर के बाढ़सा को जोड़ने का प्रोजेक्ट तैयार होने की योजना चल रही है क्योंकि यहां से बसई करीब 12 किलोमीटर पड़ता है।
- झज्जर के मुनिमपुर गांव में फूल एवं उत्कृष्टता केंद्र ही स्थापना की जा रही है। इसके जल्द ही लोगों को इसका लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। यह झज्जर जिले के लिए बड़ी परियोजना है। जिसका तेजी से काम चल रहा है।
- झज्जर जिले के निलोठी गांव के पास से गुजरने वाला दिल्ली-जम्मू-कटड़ा एक्सप्रेस वे भी इस साल तैयार होने की संभावना है, जो निलोठी गांव के पास केएमपी को जोड़गा। इसके साथ ही माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए जाने वाले लोगों के लिए सबसे छोटा रास्ता मिलेगा।
- रईया गांव में स्थापित किए जा रहे महाराणा प्रताप कृषि अनुसंधान केंद्र के रीजनल सेंटर का भी विस्तार करने की योजना चल रही है। इससे जिले के ही नहीं बल्कि प्रदेश के किसानों को बड़ा फायदा होगा।
- रेवाड़ी-झज्जर-रोतहक-पानीपत नेशलन हाईवे पर लकड़िया गांव में प्रस्तावित लुआस के रीजनल सेंटर का लाभ भी जल्द ही झज्जर व आसपास के जिलों के लोगों को मिलना शुरू होगा।
- दिल्ली से वाया झज्जर-रोहतक-हिसार रेल लाइन मिलने से होगा झज्जर का विकास। इस समय झज्जर क्षेत्र के विकास के लिए नई रेलवे लाइनों की योजनाएं तैयार हो रही हैं। जल्द ही इन पर काम शुरू होने की उम्मीद बढ़ती जा रही है। गुरुग्राम के गढ़ी हरसरू से फरुखनगगर, झज्जर नई रेलवे लाइन के साथ झज्जर से रोहतक डबल रेल लाइन को प्रोजेक्ट भी तैयार किया जा चुका है।
- खेल के क्षेत्र में जिला के खिलाड़ियों को जल्द ही जिलास्तर का नया खेल स्टेडियम मिलेगा। जिस पर सिलाना गांव के पास निर्माण कार्य चल रहा है। आधुनिक सुविधाओं युक्त खेल स्टेडियम तैयार किया जाएगा।
- किसानों के लिए जलभराव वाले क्षेत्रों में भूमिगत जलस्तर को कम करने के लिए कई प्रोजेक्ट तैयार किए जा रहे हैं। बेरी क्षेत्र में फिलहाल करीब पांच करोड़ की लागत से प्रोजेक्ट तैयार कर करीब एक हजार एकड़ भूमि को कृषि योग्य बनाया जा चुका है। इसके अलावा करीब 6 हजार एकड़ भूमि के सुधार की योजना बताई जा रही है।
- जिले के कई सड़क प्रोजेक्ट मंजूर हो चुके हैं। बहादुरगढ़-झज्जर, छुछकवास-बहुझाेलरी फोरलेन रोड बनने हैं। शहर के अंदर के रोड प्रोजेक्ट पर जल्द काम शुरू होने वाला है। छुछकवास को नया बाईपास मिलने की उम्मीद है।
- स्वास्थ्य के क्षेत्र में झज्जर को रक्तकोष नई प्रयोगशाला की स्थापना की जा रही है। जबकि 100 बैड का नया अस्पताल भवन बनाए जाने की योजना चल रही है। सरकार को इसे मंजूरी के लिए भेजा है।
- झज्जर जिले को 15 नई बसें मिल चुकी हैं और विभाग के बेड़े को मजबूत करने के लिए 15 नई बसें मिलने की संभावना है।
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जिला एक नजर में :
जिला : झज्जर
शहर : झज्जर, बेरी, बहादुरगढ़।
उपमंडल : झज्जर, बेरी, बादली, बहादुरगढ़।
तहसील : झज्जर, बेरी, बादली, बहादुरगढ़, मातनहेल।
उपतहसील : साल्हावास।
खंड : झज्जर, बेरी, बादली, माछरौली, साल्हावास, बहादुरगढ़, मातनहेल।
गांव : 262
ग्राम पंचायत : 250
नगर पालिका : बेरी।
नगर परिषद : झज्जर व बहादुरगढ़।