प्रदेश के कृषि, पंचायत एवं पशु पालन मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने एसवाईएल के बारे में पंजाब विधानसभा के प्रस्ताव को दिशाहीन करार दिया है। धनखड़ ने कहा कि सतलुज यमुना लिंक नहर पर राजनीति कर रहे पंजाब के पास हरियाणा को पानी देने के सिवाय कोई रास्ता नहीं है। धनखड़ ने कहा कि अभी तक अपनी हठधर्मिता से हरियाणा के गरीब किसानों का प्रतिवर्ष करोड़ों का नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि जब पंजाब से इसका अलगाव हुआ तब भी तीस हजार करोड़ लौटाए, जिसका पत्र 17 मार्च 2016 को पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को लिखा जा चुका है। यही नहीं हरियाणा के 20 करोड़ वकीलों की फीस पर भी खर्च हुए हैं। धनखड़ ने कहा कि हरियाणा पंजाब से बना है, और यह मात्र दो भाईयों के बीच का बंटवारा है। उन्होंने कहा कि पंजाब को हरियाणा के पानी की भरपाई को छोड़ किसानों के हुए नुकसान की भरपाई करनी चाहिए। पंजाब को संविधान व सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का आदर करते हुए19 लाख एकड़ फीट पानी सतलुज यमुना लिंक नहर के माध्यम से देना चाहिए।