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जाखोदा केस : मकान मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज

Thu, 06 Apr 2023 01:11 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
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बहादुरगढ़। मंगलवार को जाखोदा गांव में हुए हादसे के संबंध में मृतक मकान मालिक दीपक के खिलाफ धारा 304-ए के तहत केस दर्ज किया गया है। मंगलवार की देर शाम को दीपक का शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया था। वहीं बुधवार को अन्य तीन मृतकों के शवों का भी पोस्टमार्टम हो गया। अस्पताल में मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। नम आखों के साथ परिजन तीनों शवों का अपने साथ ले गए।
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जसोरखेड़ी के निवासी दीपक का गांव जाखोदा में मकान है। इस मकान में प्रवासियों को किराये पर कमरे दिए हुए हैं। मंगलवार को दीपक सेप्टिक टैंक की मरम्मत करा रहा था। मरम्मत का यह कार्य साथ लगते मकान में रह रहे मिस्त्री महेंद्र तथा मजदूर सतीश व देशराज को सौंप गया था। जहरीली गैस के कारण महेंद्र, सतीश और देशराज में गिर गए। बचाने के लिए दीपक भी चपेट में आ गया। चारों की मौत हो गई थी। दीपक के शव का मंगलवार की शाम को पोस्टमार्टम हो गया था। परिजनों के बयान के बाद आसौदा पुलिस ने बुधवार को महेंद्र, सतीश और देशराज के शवों का भी पोस्टमार्टम करा दिया।
इस हादसे के लिए मकान मालिक की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। पुलिस को दी शिकायत में महेंद्र की पत्नी क्रांति का कहना है कि साथ लगते मकान के मालिक दीपक ने सेप्टिक टैंक का मरम्मत कार्य शुरू कराया था। पति महेंद्र ने पहले ही कहा था कि काम में रिस्क है। टैंक में गैस बनी हुई है, काम नहीं होगा। इसके बावजूद काम कराया गया। बिना सुरक्षा बंदोबस्त के टैंक में उतर गए और यह हादसा हो गया। इस हादसे ने उसके पति को हमेशा-हमेशा के लिए छीन लिया। अब वह अपने छोटे बच्चों को कैसे पालेगी। वहीं, क्रांति की इस शिकायत पर आसौदा थाना पुलिस ने धारा 304-ए के तहत केस दर्ज कर लिया है।
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करीब 32 वर्षीय महेंद्र एमपी के छतरपुर जिले का निवासी था। यहां चिनाई मिस्त्री का काम करता था। तीन भाइयों में सबसे बड़ा था और दो बच्चों का पिता था। करीब 28 वर्षीय देशराज भी छतरपुर जिले का निवासी था। करीब चार साल पहले रोजगार के सिलसिले में यहां आया था। मजदूरी करता था। अमेठी का निवासी सतीश तीन भाइयों में मंझला था। करीब चार साल से वह अपने गांव नहीं जा पाया था। 26 अप्रैल को गांव जाने की बात कह रहा था। इससे पहले ही हादसे में दुनिया छोड़कर चला गया। पोस्टमार्टम होने के बाद नम आंखों के साथ परिजन तीनों के शवों को अपने साथ ले गए।
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मृतक पर केस


-फोटो 9 : मृतकों के परिजन अस्पताल में रोते-बिलखते हुए।
-फोटो 10 : अस्पताल में पहुंची मृतकों के परिवार की महिलाएं।
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