जींद। जिला जेल में रक्षाबंधन के मौके पर भावनात्मक माहौल बना रहा। बहन जब अपने जेल में बंद भाइयों की कलाई पर राखी बांधी रही थीं तो उनकी आंखों में आंसू थे। कुछ बहनों ने अपने भाइयों से अपराध की दुनिया को छोड़कर शांतिपूर्वक जीवन व्यतीत करने की सलाह दी।
भगवान से भी प्रार्थना की कि उसका भाई अगले वर्ष घर पर उससे राखी बंधवाए। जेल प्रशासन ने जेल में कई तरह की मिठाई समेत अन्य सभी व्यवस्था की हुई थी, ताकि इस पर्व पर किसी भाई व बहन को परेशानी नहीं हो। जेल में बंद भाइयों की कलाई पर राखी बांध बहनों ने उनकी लंबी आयु व स्वस्थ जीवन की कामना की।
जेल प्रशासन हर वर्ष एक तो नागरिक के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए तथा दूसरा अपने परिवार के लोगों से मिलने के बाद आपराधिक प्रवृत्ति के युवाओं की मानसिक सोच बदलने के लिए यह त्योहार मनाता है। जेल अधीक्षक ने जेल में कई तरह की मिठाइयां बनवाईं व राखियां भी उपलब्ध करवाईं। जेल अधीक्षक संजीव कुमार ने बताया कि जेल में बंद होने के कारण उनके अंदर अपराध बोध की भावना को कम करने के लिए, परिवार की दूरी के कारण पैदा हुई निराशा, कुंठा व तनाव को दूर करने के लिए रक्षाबंधन का त्योहार सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर उप अधीक्षक बीरेंद्र सिंह, संदीप दागीं, धर्मचंद, रमेश कुमार मौजूद रहे।
अगले वर्ष भाई को घर पर बांधूंगी राखी
जेल में हत्या के एक में बंद एक आरोपी की बहन ने कहा कि आज उसे अपने भाई को जेल में राखी बांधते हुए सात साल हो गए हैं। उसने अपने भाई से केवल यही मांग की है कि भविष्य में वह कोई ऐसा काम न करे, जिस कारण उसे जेल में जाना पड़े। भाई ने भी अपनी बहन को वचन दिया है। इस कारण बहन ने खुशी जाहिर की और भगवान से प्रार्थना की कि उसके भाई को सद्बुद्धि दें।