अलाव जलाकर सर्दी दूर करने का प्रयास करते लोग।
झज्जर। कसूता जाड्डा पड़ ग्या रै... ऐसे ही शब्द आजकल सभी की जुबान पर हैं। क्योंकि पिछले तीन दिन से हाड़ कंपा देने वाली ठंड पड़ रही है। धूप नहीं निकल रही है और तेज हवाओं के साथ बूंदों की फुव्वार ठंड को एकाएक बढ़ा रही है। ठंड से बचने के लिए हर कोई अपने तरीके से इंतजाम में भी जुटा है। कोई अलाव का सहारा ले रहा है तो कोई हीटर का सहारा लेता नजर आ रहा है। जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है।
ठंड के चलते बाजार सूना है। अधिकतम तापमान 11.4 और न्यूनतम तापमान 6 डिग्री दर्ज किया गया है। मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया था। ठंड का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। गंभीर कोल्ड डे, गंभीर कोल्ड वेब शीतलहर और गंभीर कोहरा अपने प्रचंड तेवरों से आगाज किए हुए हैं। दिन-रात के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज हो रही है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि भीषण ठंड ने कहर बरपाया हुआ है। हिमालय की हिमाच्छादित शिखरों से बर्फीली हवाओं की वजह इलाके में शीतलहर भी तीखे तेवरों से आगाज किए हुए हैं। रात्रि तापमान में भी गिरावट देखने को मिल रही है, इसकी वजह से रात्रि तापमान भी लुढ़क रहे हैं। आने वाले चार दिनों तक संपूर्ण हरियाणा, एनसीआर, दिल्ली में इस प्रकार की स्थितियों में कमी नहीं आएगी। पाला जमने और गंभीर शीतलहर से आमजन को अभी चार दिनों तक ठिठुरन भरी हाड़ कंपा देने वाली ठंड से राहत के आसार नहीं दिख रहा है। इसके बाद 7-8 जनवरी को एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से पर्वतीय क्षेत्रों में भारी मात्रा में बर्फबारी और संपूर्ण इलाके में एक बार फिर मौसम में बदलाव और तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। 8-10 जनवरी के दौरान हरियाणा एनसीआर दिल्ली में कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना है। इस दौरान ठंड के कहर से राहत भी मिलेगी, परंतु 11 जनवरी के बाद एक बार फिर से हवाओं की दिशा बदल जाएगी और कड़ाके की ठंड अपने फिर से प्रचंड तेवरों से आगाज करेगी।