बहादुरगढ़। कंफेडरेशन ऑफ बहादुरगढ़ (कोबी) हरियाणा सरकार द्वारा इन दिनों बिजली उपभोक्ताओं को दिए गए बिजली के सरचार्ज हटाने जैसे फायदे से नाखुश है। कोबी पदाधिकारियों का तर्क है कि उद्योगपतियों को यदि सरकार किसी तरह की राहत देना चाहती है तो सबसे पहले उन्हें 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे अपने कारखानों को सही तरीके से चला सकें। अन्यथा उन्हें इस तरह के सरचार्ज हटाने से कोई फायदा नहीं होगा और उद्योग धंधे दम तोड़ जाएंगे।
कोबी के प्रधान प्रवीण गर्ग ने कहा कि हरियाणा सरकार उद्योगों को कोई बिजली के सरचार्ज हटाने जैसे फायदे देने की बजाय 24 घंटे बिजली देने का कार्य सुनिश्चित करें। बिजली नहीं होने की वजह से उद्योग धंधे लगातार दम तोड़ रहे हैं। अगर कोई फायदा देना है तो जिस समय बिजली नहीं होती, उतने समय का फिक्स चार्जेज न ले और उतने समय का कर्मचारियों का वेतन दे, उतने ही समय का बैंक ब्याज दे, उतने ही समय का मशीनों का जो उत्पादन नहीं हुआ वह जुर्माना दे, इस तरह से फैक्ट्री मालिकों का फायदा होगा, केवल सरचार्ज माफी से किसी तरह का फायदा नहीं होने वाला।
बहादुरगढ़ के उद्योग धंधे बिजली न होने के कारण अधिकतर समय बंद ही रहते हैं। इससे कर्मचारी भी खाली ही समय बिताकर घर चले जाते हैं। बिजली न आने का बोझ फैक्टरी मालिकों पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि एक अक्टूबर से डीजल जेनरेटर भी नहीं चला सकेंगे। सरकार बिजली की आपूर्ति पूरी नहीं कर पा रही है तो ऐसी स्थिति में जेनरेटर चलाना जरूरी होगा और सरकार की तरफ से जेनरेटर चलाने पर पाबंदी लगाई जा रही है। हालांकि सरकार की ओर से जेनरेटर खरीदने पर सब्सिडी जरूर दी जाएगी, यह एक विडंबना है। उन्होंने कहा कि बिजली न होने से कारखाने बंद रहेंगे तो कर्मचारियों को भी वेतन देने में दिक्कत खड़ी होगी। लोगों को रोजगार से भी वंचित रहना पड़ेगा। बेहतर यही होगा कि सरकार सरचार्ज माफी की बजाय बिजली की आपूर्ति 24 घंटे देना सुनिश्चित कराए।