बहादुरगढ़। दिल्ली से सटे आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र में समस्याओं का अंबार लगा है। यहां सुविधाएं न के बराबर हैं। उद्यमियों का कहना है कि शहर के उद्यमी सरकार को करोड़ों का टैक्स देते हैं लेकिन इसके बाद भी यहां ध्यान नहीं दिया जा रहा। सड़कें इतनी खराब हैं कि ट्रांसपोर्टर भी यहां से माल ले जाने में परेशानी महसूस करने लगे हैं। बड़े उद्यमी यहां दौरे पर आने से कतराते हैं।
आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र की कई सड़कों में बने गड्ढे और कीचड़ से गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो रही हैं। करोड़ों रुपये यहां पर खर्च किए गए हैं, लेकिन समस्या के समाधान नहीं हो रहा है। उद्यमी जितेंद्र गुप्ता, सुनील गर्ग, विष्णु, अमित शर्मा ने बताया कि एमआइई में गंदे पानी निकासी की व्यवस्था फेल हो रही है और सीवरेज लाइन आमतौर पर चॉक रहती है। चुनिंदा सड़कों को छोड़ दें तो बाकी की हालत ऐसी है कि वहां से पैदल निकलना तो मुश्किल है ही। वाहन लेकर जाना भी किसी आफत से कम नहीं है। यहां तक की दमकल विभाग का दस्ता भी परेशानी झेलता है। अनेक उद्योगपतियों के लिए तो अपनी गाड़ियां लेकर जाना मुश्किल होता ही है। सड़कों में बने गड्ढे और कीचड़ से कई बार वाहन भी क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। यहां की समस्याओं को लेकर जनप्रतिनिधि व अधिकारियों को भली भांति पता होने के बाद भी उनके समाधान के लिए कोई कार्रवाई नहीं हो रही। एमआइई के पार्ट-वन एरिया में कुछ गलियां ज्यादा ही बदहाल हैं। यहां रात के समय आने-जाने वाले राहगीरों को काफी परेशानी होती है। बिना बरसात के ही यहां पर लबालब पानी भरा रहता है। सीवरेज लाइन बाधित रहती हैं। इसके कारण राहगीरों का भी निकलना मुश्किल हो रहा है। उद्योगपतियों का कहना है कि उद्यमियों की ओर से सरकार को करोड़ों का राजस्व दिया जाता है, लेकिन सुविधाएं नहीं मिल रही है। यहां पर बने पार्कों की हालत दयनीय है। एक भी पार्क ऐसा नहीं है जिसमें उद्यमी या कर्मचारी बैठ सकें।
वर्जन
बहादुरगढ़ के एमआईई औद्योगिक क्षेत्र में ढाई हजार से अधिक फैक्ट्रियां हैं। सड़कों की हालत ऐसी है कि उन पर वाहन लेकर चलना तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। कई बार संबंधित विभाग के अधिकारियों से लेकर नेताओं से इन्हें बनवाने की मांग की गई है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सरकार को यहां से करोड़ों रुपए का राजस्व मिलता है लेकिन यहां का ध्यान नहीं है।
- नरिंदर छिकारा, वरिष्ठ उप प्रधान, बीसीसीआई, बहादुरगढ़।
बहादुरगढ़ का एमआईई औद्योगिक क्षेत्र हरियाणा का सबसे पुराना क्षेत्र है। यहां पर न केवल फुटवियर कंपनियां है बल्कि विभिन्न तरह की फैक्ट्रियां चलती हैं। इन फैक्ट्री से हजारों श्रमिकों को रोजगार मिलता है। सरकार को चाहिए कि इस क्षेत्र में उद्यमियों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराए।
- विकास आंनद सोनी, उद्यमी