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उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश से आ रहे अवैध हथियार, बड़ी मछली नहीं फंस रही पुलिस के जाल में

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झज्जर। क्षेत्र में अवैध हथियार मिलने का सिलसिला निरंतर जारी है। पुलिस अवैध हथियार के साथ आरोपियों को पकड़कर जेल भेजने तक ही समिति है। पुलिस केवल यूपी और एमपी से हथियार आने की बात कह रही है लेकिन हथियारों के सौदागर आज तक पकड़ से बाहर हैं। ये हथियार कहां से आ रहे हैं। इनकी सप्लाई के पीछे कौन लोग हैं उनका क्या मकसद है। इनका खुलासा पुलिस नहंी कर पा रही।
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पकड़ कर उन्हें जेल तक पहुंचाने के काम तो कर रही है, लेकिन हथियारों की आपूर्ति करने वाली बड़ी मछली पुलिस के जाल में नहीं फंस रही हैं। पुलिस इतना अवश्य कह रही है कि उत्तर प्रदेश व मध्यप्रदेश से क्षेत्र में अवैध हथियार आ रहे हैं। उसके बाद भी हथियारों की सप्लाई करने वाले लोगों तक पुलिस नहीं पहुंच पा रही है। हथियार सप्लाई करने वालों के सही पता न मिलने व व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से बात होने के कारण वहां तक पहुंचने की कड़ी बीच में ही टूट जाती है और पुलिस के हाथ से वे लोग निकल जाते हैं।
अधिकांश आपराधिक वारदातों में अवैध हथियार ही प्रयोग किए जा रहे हैं। बार-बार हो रही आपराधिक वारदातों के बावजूद इनकी सप्लाई पर रोक नहीं लग पा रही है। तीन दिन पहले तो एक महिला के पास भी अवैध हथियार बरामद हुआ था। इस मामले में पुलिस को यहां तक पता चल गया है कि वह महिला हरिद्वार से हथियार लेकर आई थी और वह तीन हजार रुपये में खरीदा गया था। उसके बाद भी पुलिस आरोपी तक नहीं पहुंची है।
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पुलिस विभाग के इस साल के 16 नंवबर तक के आंकड़ों को ही देखा जा तो पुलिस ने अब तक अवैध हथियार के जिले के विभिन्न पुलिस थानों में 136 मामले दर्ज हुए हैं। इनमें 148 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस केवल इन लोगों के खिलाफ मामले दर्ज कर कार्रवाई पूरी कर लेती है, जबकि एक भी हथियार सप्लायर गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
- कुल मामलेे - 136
- गिरफ्तारी - 148
हथियारों की बरामदगी
इस साल 16 नवंबर तक बरामद हथियार
देसी गन - 1
देसी पिस्तौल -169
देसी रिवाल्वर- 2
कारतूस- 135
चाकू- 1
(आंकडे़ इस साल 16 नवंबर तक के हैं)
वर्जन
क्षेत्र में उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश से अवैध हथियार आ रहे हैं। गुप्त सूचनाओं के आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार किया जा रहा है। पुलिस का प्रयास है कि अवैध हथियारों का धंधा करने वाले आरोपियों तक पहुंचा जाए।
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-राहुल देव, डीएसपी, झज्जर।
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