झज्जर। सीएचसी जमालपुर की आशा वर्कर की सीएचसी प्रधान अनीता की अध्यक्षता में बैठक सामान्य अस्पताल जमालपुर में हुई। इस दौरान प्रदर्शन का संचालन सुनील व सुमित्रा ने किया। उन्होंने सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुई तो 2024 के चुनाव में सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि कोरोना में आशा वर्करों ने अपनी जान की परवाह किए बगैर डोर टू डोर टू डोर जाकर कोरोना के मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई थी।आशा वर्करों ने बताया कि वे इस प्रदर्शन के माध्यम से सरकार को यह बताने आए हैं कि समय रहते हुए सरकार हमारे डेलिगेशन से समय दे और हमारी मांगों का जल्दी से जल्दी समाधान करें नहीं तो आने वाली 10 जुलाई को पूरे प्रदेश के अंदर तमाम जिलों में आशा वर्कर जोरदार प्रदर्शन करेंगी। उन्होनें बताया की आशा वर्कर को पक्का कर्मचारी का दर्जा दिया जाए तब तक न्यूनतम वेतन 26 हजार दिया जाएं व ईएसआई और पीएफ भी दिया जाएं तमाम तरह की सुरक्षा लाभ दी जाए आशा वर्कर्स के वेतन को महंगाई भत्ता के साथ जोड़ा जाए 2018 में कटा हुआ 50 प्रतिशत वापस दिया जाएं । इस मौके पर सुमित्रा, सुनील गोरिया, अनीता, नवीन, सुमन , बबली, सुमन, नमेश, सुनीता, पिंकी, शीला, प्रमिला, रजनी आदि ने मीटिंग को संबोधित किया।