बहादुरगढ़। 50 वर्षों पहले बने बहादुरगढ़ के आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र (एमआइई) के पार्ट ए व बी की टूटी सड़कों की हालत खस्ता है। बारिश होने पर सड़कों पर कई फीट तक पानी जमा हो गया है। फैक्ट्रियों तक वाहन जा नहीं पाते हैं। लोगों को भरे पानी के बीच से होकर जाना पड़ रहा है। उद्योगपतियों व बीसीसीआई के पदाधिकारी अनेकों बार अधिकारियों और नेताओं से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
एमआइई में कई सड़कों से पैदल निकलना किसी खतरे से खाली नहीं है। राहगीरों के गिरकर चोटिल होने का अंदेशा रहता है। फैक्ट्रियों में कच्चे व तैयार माल की सप्लाई के लिए आने वाले वाहन गहरे गड्ढों में क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। वाहन तो कीचड़ अधिक फैला होने व गड्ढों में पानी भरने के चलते बीच में ही फंस जाते हैं। ऐसे में यहां अप्रोच सड़कों की खस्ता हालत की समस्याओं से उद्यमी, श्रमिक व वाहन चालक तक सब परेशान नजर आते हैं। यहां काम करने वाले मोहन, कुलविंद्र, सुरेंद्र, कृष्ण समेत वाहन चालक मनिंद्र, रोहतास ने कहा कि एमआइई में जनसुविधाओं की कमी खूब खल रही है। टेंपो चालक सतीश व रवींद्र सिंह ने कहा कि यहां से वाहन निकालते समय गाड़ी में नुकसान होने का अंदेशा रहता है। तीन दिन पहले हुई बारिश के बाद तो यहां की स्थिति बदतर हो गई है। पहले से ही गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था फेल होने व सीवरेज व्यवस्था बाधित रहने के कारण गंदा पानी सड़क के बीचोंबीच भर रहा है। इन दोनों क्षेत्रों में 2500 से अधिक फैक्ट्रियां हैं।
एमआइई पार्ट ए व बी के हालातों में सुधार को लेकर हम कई बार प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ एचएसआइआइडीसी के एमडी से भी मिल चुके हैं। आश्वासन तो मिलता है लेकिन कार्रवाई ठीक से नहीं हो पा रही है।
-नरेंद्र छिकारा, वरिष्ठ उपप्रधान
कोई काम शुरू होता है तो वह मंद गति से चलता है। दो साल से सड़कें व ड्रेनेज सिस्टम का काम नहीं हो पाया है। सड़कें उखड़ी पड़ी हैं। इससे उद्योगपतियों का काम-धंधा प्रभावित हो रहा है।
-विकास आनंद सोनी, उप प्रधान, बीसीसीआई
आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र की सड़केें पूरी तरह दुरुस्त है। कहीं भी किसी तरह की कोई परेशानी नहीं है। सभी सड़कों को ठीक किया गया है।
-वीरेंद्र कादियान, सीनियर मैनेजर, एचएसआईआईडीसी