सरकार ने जैसी रिपोर्ट चाही वैसी ही तैयार हो गई। यह तल्ख टिप्पणी प्रदेश के पूर्व मंत्री कैप्टन अजय यादव ने की। झज्जर में वीरवार को मीडिया से रूबरू होते हुए कैप्टन यादव ने प्रकाश की रिपोर्ट पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि झज्जर छावनी में उपद्रवियों ने सैनी समाज के तीस घरों को निशाना बनाते हुए आगजनी व तोड़फोड़ की थी, जबकि रिपोर्ट में सैनी समाज के केवल दो ही घरों को जला हुआ दिखाया गया है। उपद्रवियों ने झज्जर में 20 व 21 फरवरी को सरकारी व गैर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया था और उसमें आगजनी व तोड़फोड़ की थी। लेकिन प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट में झज्जर के अंदर इस घटना को 18 फरवरी के दिन की घटित होना दर्शाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि रिपोर्ट में रोहतक रेंज के आईजी द्वारा झज्जर में एसडीएम के सेना को उपद्रवियों के लिए कार्यवाही किए जाने पर हस्ताक्षर दिए जाने की बात कही गई है। लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि रोहतक रेंज के आईजी श्रीकांत जाधव उपद्रव के दौरान झज्जर में आए ही नहीं थे तो इस प्रकार की टिप्पणी कैसे कर सकते हैं। कैप्टन यादव ने कहा कि यदि इस पूरे प्रकरण की सच्चाई जाननी है तो सरकार को सुप्रीम कोर्ट के किसी सिटिंग जज से इसकी जांच करानी चाहिए। उसके बाद ही असली तस्वीर जनता के सामने आएगी। ये सारी बातें स्थानीय श्रीकृष्ण भवन पहुंचे कैप्टन अजय यादव ने पत्रकार वार्ता के दौरान कही।