बहादुरगढ़। बदलते मौसम ने लोगों की सेहत बिगाड़नी शुरू कर दी है। अस्पतालों में बुखार, गले में खराश, जुकाम और खांसी के मरीजों में इजाफा हो रहा है। सबसे ज्यादा बच्चे इन बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि मौसम में थोड़ी गर्माहट आते ही बच्चे गर्म कपड़े पहनना छोड़ देते हैं और यही लापरवाही उन्हें बीमार कर रही है। इसलिए इस मौसम में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। कोल्ड ड्रिंक से परहेज करें।
बहादुरगढ़ के सरकारी अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अहिभूषण का कहना है कि इन दिनों मौसम में तेजी से बदलाव आ रहा है, कभी तेज धूप तो कभी ठंड से बच्चे बीमार हो रहे हैं। अस्पताल में इन दिनों 30 प्रतिशत बच्चे निमोनिया से ग्रसित आ रहे हैं। इसमें सबसे ज्यादा छह माह से लेकर 5 साल तक हैं। इसलिए इस मौसम में बच्चों को सबसे ज्यादा बचाव की जरूरत है। स्कूल जाने वाले बच्चों को गर्म कपड़े पहनाकर ही भेजें। साथ ही बाहर के खाने से परहेज करें। उन्होंने कहा कि अस्पताल में इन दिनों ओपीडी में 60 प्रतिशत मरीज बुखार के आ रहे हैं, क्योंकि इन दिनों वायरल इंफेक्शन तेजी से फैल् रहा है। करीब 15 दिनों तक ऐसा रहेगा। उसके बाद तापमान में सुधार होने पर वायरल इंफेक्शन का प्रभाव कम हो जाएगा। डॉ. अहिभूषण का कहना है कि धूप होने पर अचानक गर्म कपड़े पहनना न छोड़ें। गुनगुना पानी पीना चाहिए। कोल्ड ड्रिंक का सेवन बिल्कुल भी ना करें। वहीं डायबिटीज, हार्ट, किडनी समेत अन्य बीमारियों के मरीजों को खास ध्यान रखने की जरूरत है। वह मास्क लगाएं। साथ ही अगर घर में कोई बीमार है तो बाकी लोग उनसे थोड़ी दूरी बनाकर रहें।
झज्जर में ओपीडी में आ रहे 120 मरीज
इलाके में लगातार मौसमी बुखार के (वायरल फीवर) के मरीजों की संख्या में वृद्धि हो रही है। सिविल अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि प्रतिदिन 100 से 120 बच्चे ओपीडी में आ रहे हैं। खांसी, जुकाम व बुखार से पीड़ित बच्चे ज्यादा आ रहे हैं।
-फोटो 53 : नागरिक अस्पताल में बच्चे की जांच करते डॉक्टर।