वसंत पंचमी पर्व पर सरस्वमी मां की पूजा अर्चना करती छात्राएं व स्टाफ।
बहादुरगढ़। वैश्य आर्य शिक्षण महिला महाविद्यालय में वसंत पंचमी का पर्व मां सरस्वती का पूजन कर उनका आशीर्वाद लेकर मनाया गया। इस मौके पर अंतरसदनीय गायन, नृत्य व कविता वाचन प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। गायन प्रतियोगिता में बबीता (अहिल्याबाई होल्कर सदन) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। नृत्य प्रतियोगिता में हर्षिता (गार्गी सदन) ने बाजी मारी। कविता वाचन में सुमन (गार्गी सदन) ने पहला स्थान हासिल किया।
महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. आशा शर्मा ने कहा कि वंसत ऋतु आते ही प्रकृति का कण-कण खिल उठता है। माघ का यह पूरा मास ही उत्साह देने वाला है। वसंत पंचमी का पर्व भारतीय जनजीवन को अनेक तरह से प्रभावित करता है। इस दिन मानव तो क्या पशु-पक्षी भी उल्लास से भर जाते हैं, हर दिन नई उमंग से सूर्योदय होता है और नई चेतना प्रदान कर अगले दिन फिर आने का आश्वासन देकर चला जाता है। इस दिन मां शारदे की पूजा कर उनसे और अधिक ज्ञानवान होने की प्रार्थना की जाती है। शिक्षक होने के नाते हमारा फर्ज ही नहीं दायित्व भी है कि हम बच्चों को अच्छी शिक्षा व संस्कार दे ताकि वे राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दें सकें। इसी के साथ महाविद्यालय में आयोजित करवाई गई अंतरसदनीय गायन प्रतियोगिता में बबीता (अहिल्याबाई होल्कर सदन) ने प्रथम स्थान, कविता (सावित्रीबाई फुले सदन) ने द्वितीय स्थान व सोनिया (सावित्रीबाई फुले सदन) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। नृत्य प्रतियोगिता में हर्षिता (गार्गी सदन) ने पहला, वैशाली (गार्गी सदन) ने दूसरा व तनिष्का (गार्गी सदन) ने तीसरा स्थान पाया। कविता वाचन प्रतियोगिता में सुमन (गार्गी सदन) पहले, हर्षिता( गार्गी सदन) व अस्तुति (अहिल्याबाई होल्कर सदन) दूसरे व ज्योति ( गार्गी सदन) तीसरे स्थान पर रहा। कार्यक्रम का आयोजन अहिल्याबाई होल्कर सदन, सांस्कृतिक प्रकोष्ठ, वाईआरसी व एनएसएस द्वारा किया गया।