साल्हावास। एशियाई खेलों में जैवलिन थ्रो और डिस्कस थ्रो में दोहरा स्वर्ण पदक जीतने वाले हन्नी गोरिया गोरिया ने अपने द्रोणाचार्य जैसे गुरु (कोच) सुनील फौगाट को एक करोड़ रुपये की राशि उनके जन्मदिन पर भेंट करके उनका सम्मान किया।
इस मौके पर हन्नी के परिजन भी मौजूद थे। हन्नी गोरिया के पिता बंटी नंबरदार ने कहा कि इस भौतिकतावादी युग में लोगों को यह पैसा बहुत ज्यादा लगेगा, लेकिन उनके पुत्र हन्नी गोरिया के कोच सुनील फौगाट व उनकी पत्नी ज्योति की कड़ी मेहनत के आगे यह राशि कुछ भी नहीं है। कोच सुनील फौगाट व उनकी पत्नी ज्योति फौगाट ने उनके बेटे को अर्जुन की तरह तराशा है। जब से हन्नी ने खेलना शुरू किया है तब से हमेशा से ही वह स्वर्ण पदक प्राप्त करता रहा है। सुनील और उनकी पत्नी ने 3 साल से यशोदा की तरह हन्नी गोरिया को अच्छे संस्कार दिए हैं और हन्नी का पूरा ख्याल रखा है। वह उसे मां से भी ज्यादा प्यार करती रही है।
कोच सुनील फौगाट के मना करने के बावजूद एक करोड़ रुपये देकर सभी कोच व खिलाड़ियों को एक संदेश देने की कोशिश की है कि न अर्जुन की कमी है न द्रोणाचार्य की। समाज में कमी है तो विश्वास, समर्पण की क्योंकि देने वाला परमपिता परमात्मा देने में कमी नहीं छोड़ता। लोगों की नियत में कमी होती है, चाहे वह कोच हो, शिष्य हो या माता-पिता हो उन्होंने कहा की सभी कोचों को चाहिए कि वे अपने शिष्यों पर पूरा भरोसा करें और शिष्यों को चाहिए कि वे अपने गुरु के प्रति पूरा समर्पण भाव रखें।