साल्हावास (झज्जर)। छठे चरण के चुनाव होने में सिर्फ पांच दिन बचे हैं। ऐसे में नेता मतदाताओं को अपने अपने पक्ष में करने के लिए तमाम प्रयास कर रहे हैं। महिलाएं भी अब पीछे नहीं रह गई है उनका मानना है कि लोकतांत्रिक देश में महिला मतदाताओं की भागीदारी महत्वपूर्ण है। मतदान प्रक्रिया में उनकी भागीदारी राष्ट्र के भविष्य को आकार देने की क्षमता रखती है, इसलिए चुनावी प्रक्रिया में लोगों को महिलाओं की भूमिका को समझना जरूरी है। उनका मानना है कि महिलाएं यदि सोच समझकर अपनी मतदान का प्रयोग करें तो वह किसी भी सरकार को बनाने और उखाड़ने का मादा रखती हैं। इसलिए महिलाओं को भी बढ़ चढ़कर लोकतंत्र के इस महापर्व में अपने मत का प्रयोग करना चाहिए।
चुनावी प्रक्रिया में सक्रिय रूप से महिलाओं को शामिल होना चाहिए। उम्मीदवारों के पक्ष में उनकी पत्नियां भी जोर शोर से प्रचार करने में जुटी हैं तो हमारा कर्तव्य भी है कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए अपनी सक्रिय भागीदारी दिखाएं।
ज्योत्सना
महिलाएं मतदान करने से पहले एक बार ये ध्यान में जरूर लें आए कि किस सरकार में महंगाई बढ़ी है और किस सरकार में महिलाओं को राहत और सुरक्षा मिली है। इसी मुद्दे को ध्यान में रखकर इस बार अपने मताधिकार का इस्तेमाल करके सही नेता चुनें।
एकता
जिसने नारी सशक्तीकरण को बढ़ावा दिया है और हमेशा नारी को सम्मान दिलाने की कोशिश की है। इस बार के चुनाव में महिलाओं को अपनी भूमिका अवश्य तय करनी चाहिए और अपने हितों की बात लोकसभा प्रतिनिधियों के समक्ष रखनी चाहिए।
कोमल
लोकतांत्रिक प्रणाली के तहत जितने भी अधिकार हम नागरिकों को मिलते हैं, उनमें सबसे बड़ा वोट डालने का अधिकार है। वह मतदाता ही होता है जिसके पास असीम ताकत होती है कि वह चाहे तो सरकार बना भी सकता है और सरकार गिरा भी सकता है।
आकांक्षा