बहादुरगढ़। आरटीए कार्यालय की सरकारी गाड़ी में जीपीएस लगा हुआ मिला है। यह मामला उस वक्त सामने आया, जब आरटीए की छापामार कार्रवाई फेल हुई। देखा तो गाड़ी में जीपीएस लगा हुआ था। जुर्माने से बचने के लिए ओवरलोड माफियाओं द्वारा सरकारी गाड़ी में जीपीएस लगाने की बात समाने आ रही है। फिलहाल आरटीए कार्यालय की तरफ से इस संबंध में सदर थाना पुलिस में शिकायत दी गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
सोमवार को मोटर व्हीकल ऑफिसर सुखबीर सिंह के नेतृत्व वाली टीम ओवरलोड वाहनों की चेकिंग कर रही थी। लेकिन ओवरलोड वाहन नहीं मिले। टीम को शंका हुई कि शायद और ओवरलोड चालकों को उनकी लोकेशन मिल रही है। इस शंका पर गाड़ी की जांच की गई तो सीट के नीचे एक तार दिखाई दिया। इस तार की मदद से गाड़ी में जीपीएस भी लगाया गया था। यह देख अधिकारियों का माथा ठनक गया। तर्क दिया जा रहा है कि चेकिंग के बाद सरकारी गाड़ी कार्यालय परिसर में खड़ी कर दी जाती है। संभवत: उसी दौरान किसी ने गाड़ी में जीपीएस लगाया होगा।
पुलिस को दी शिकायत में एमवीओ सुखबीर सिंह ने कहा है कि सरकार को नुकसान पहुंचाने और ट्रांसपोर्टरों को लाभ पहुंचाने के मकसद से किसी अज्ञात ने गाड़ी में जीपीएस लगाया है। सरकारी काम में बाधा उत्पन्न की गई है। यह बड़ा अपराध है। आरोपियों का पता लगाकर गिरफ्तार किया जाए। सदर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर मनोज कुमार ने बताया कि केस दर्ज मामले की जांच आरंभ कर दी गई है।