चंडीगढ़ में पॉलिटेक्निकल के पदाधिकारी अपनी मांगों को लेकर उपमुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए।
झज्जर। राजकीय पॉलिटेक्निक गेस्ट फैकल्टी एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों को लेकर उपमुख्यमंत्री से चंडीगढ़ निवास में मिला और उन्हें मांग पत्र सौंपा। एसोसिएशन ने उप मुख्यमंत्री को सौंपे ज्ञापन में प्रदेश सरकार से पॉलीटेक्निकल कॉलेज में कार्यरत गेस्ट फैकल्टी को 58 साल की जॉब सिक्योरिटी देने और पॉलिसी बनाकर उन्हें स्थायी करने की मांग की है।
उपमुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों और उनकी समस्याओं का स्थाई समाधान किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे गवर्नमेंट पॉलिटेक्निकल गेस्ट फैकल्टी एसोसिएशन के ट्रेजरर विजय कौशिक ने बताया कि वे वर्ष 2010 से गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक में लैक्चरर व इन्स्ट्रक्टर के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पहले वे 250-125 रुपये से लेकर 457-229 रुपये प्रति घंटे की मामूली दरों पर अपनी सेवाएं प्रदान करते रहे। पिछले एक दशक में गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक में लैक्चरर व इन्स्ट्रक्टर ने तकनीकी क्षेत्र में संस्थानों के समग्र विकास और छात्रों के तकनीकी कौशल को बढ़ाने में काफी योगदान दिया है। उन्होंने बताया कि भाजपा सरकार ने सितंबर 2019 में गेस्ट लैक्चरर के लिए 53100 रुपये प्रति माह तथा इंस्ट्रक्टर के लिए 35400 रुपये प्रतिमाह फिक्स वेतन देने का निर्णय लिया था। पिछले करीब चार सालों से वह इसी वेतन पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनकी मांग है कि गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक में कार्यरत सभी गेस्ट लैक्चरर व गेस्ट इन्स्ट्रक्टर की सेवाओं को विशेष पॉलिसी बनाकर रेगुलर किया जाए और उन्हें रेगुलर कर्मचारी की तरह पूरा वेतन, टीए, डीए, सर्विस बुक, एलटीसी, एचआरए सहित सभी तरह की सुविधाएं दी जाएं तो वे ओर बेहतर तरीके से अपनी जिम्मेवारियों को जारी रख सकें। इस अवसर पर सुरेंद्र सोनी, कुलदीप सिंह, जयदेव मौजूद रहे।