झज्जर। सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि हरियाणा के युवाओं के लिए 75 प्रतिशत रोजगार आरक्षित करने का वादा करने वाले हरियाणा की भर्तियों में दूसरे राज्यों के लोगों को नौकरी दे रही है। हरियाणा में योग्यता को दरकिनार कर नोटों के बंडल देने की क्षमता के आधार पर नौकरियां बिक रही हैं। पर्ची और खर्ची की बात करने वाले अब ‘पर्चा और खर्चा’ यानी खर्चा करो और पर्चा आउट कराओ का खेल कर रहे हैं।
वह सोमवार को गांव सिलानी में ग्राम पंचायत द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हरियाणा में ऐसी कोई भर्ती नहीं हुई जिसका पेपर लीक या परीक्षा रद्द न हुई हो। एचपीएससी व एचएसएससी प्रदेश की गठबंधन सरकार के भ्रष्टाचार की किताब में हर भर्ती के साथ घपले-घोटाले का एक नया अध्याय जोड़ रहा है। एचपीएससी की कमान ऐसे दागी लोगों को सौंप दी गई है जिन पर भ्रष्टाचार, अनियमितता के गंभीर आरोप पहले भी लगते रहे हैं। सरकार बड़े अधिकारियों को पकड़ने की बजाय छोटे अधिकारियों को पकड़कर मामले की लीपा-पोती कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की भाजपा-जजपा सरकार रोजगार देने की बजाय बेरोजगारी दर के रिकॉर्ड बना रही है। साढ़े 9 साल में शायद ही कोई भर्ती हुई हो जो बेदाग रही हो। यदि कोई भर्ती हुई भी तो उसमें ज्यादातर नौकरी हरियाणा के युवाओं की बजाय हरियाणा से बाहर के युवाओं की कर दी गई। ऐसे नियम बनाए गए, जिससे हरियाणा के युवा अपने आप भर्ती लिस्ट से ही बाहर हो जाएं। सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि एचसीएस एलाइड सर्विस की मुख्य परीक्षा में 100 पदों के लिए सिर्फ 61 उम्मीदवारों को ही पास किया गया और कई अभ्यर्थियों का आरोप है कि पिछले साल के प्रश्नों को कॉपी पेस्ट कर पूरी प्रक्रिया में सुनियोजित घपले को अंजाम दिया गया है। दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि हरियाणा के जो युवा यूपीएससी जैसी परीक्षा पास करके देश की सेवा कर रहे हैं क्या वो एचसीएस परीक्षा पास नहीं कर पाएंगे।