झज्जर। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के आह्वान पर 25 जुलाई को जिले के सभी सरकारी चिकित्सक मांगों को लेकर हड़ताल पर रहेंगे। एसोसिएशन का कहना है कि हड़ताल के दौरान डॉक्टर न तो आपातकालीन में ड्यूटी देंगे और न ही पोस्टमार्टम किए जाएंगे।
एसोसिएशन की जिला प्रधान डॉक्टर ममता चहल ने बताया एसोसिएशन की चार मुख्य मांगें हैं। जिसमें पीजी बांड राशि घटाकर 50 लाख करना। डॉक्टर्स को सेंटर के समान वेतन लाभ, जिसमें चौथे एसीपी का लाभ और अलाउंस भी शामिल है। एचसीएमएस कैडर में डायरेक्ट एसएमओ की सीधी भर्ती पर रोक लगाकर इस बारे गजट नोटिफिकेशन जारी किया जाए, स्पेशलिस्ट कैडर का गठन किया जाए। उन्होंने बताया कि इन चारों मांगों को सरकार ने 6 महीने पहले जायज मानकर अपनी सहमति जताई थी, लेकिन अभी तक एक भी डिमांड के बारे में सरकार की तरफ से कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है। इसको लेकर हरियाणा के सभी सरकारी डॉक्टर्स में भारी रोष है। एक जुलाई डॉक्टर्स डे पर सभी डॉक्टर्स ने काले बिल्ले लगाकर अपना विरोध जताया था। 15 जुलाई को 2 घंटे की पैन डाउन स्ट्राइक भी की थी। इसके बाद स्टेट एचसीएमएस एसोसिएशन के पदाधिकारिओं की बैठक एसीएस हैल्थ एवं डीजीएचएस हैल्थ के साथ हुई, जिसमें आश्वासन दिया गया था कि 25 जुलाई से पहले पीजी बांड और एसीपी लाभ वाली दो मांगों के बारे नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा, लेकिन आज तक भी सरकार की तरफ से मांग पूरी करने बारे कोई नोटिफिकेशन नहीं आया है इसलिए अब 25 जुलाई से समस्त हरियाणा के सरकारी डॉक्टर्स मांगें पूरी होने तक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएगे। इस दौरान सभी सेवाएं एमरजेंसी, ओपीडी, पोस्टमार्टम बंद रहेंगे और कोई भी डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं आएगा। मरीजों को होने वाली परेशानी की जिम्मेदारी पूर्णतया सरकार की रहेगी।