बेरी। कस्बे की श्री 108 जयराम गोशाला में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन भागवत सुनने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। कथा वाचक जयराम आश्रम के आचार्य अजय सती ने कहा कि जो व्यक्ति सुख और दुख दोनों में प्रभु का स्मरण करता है, भगवान हमेशा उसका साथ देते हैं।भगवान भाव के भूखे हैं।
भगवान श्री कृष्ण दुर्योधन के छपन भोगों को ठुकरा कर विदुर के घर गए। श्रीकृष्ण विदुर के घर पहुंचे, तो विदुर बाहर थे और विदुरानी स्नान कर रही थी। विदुरानी श्रीकृष्ण की आवाज सुनकर पहचान नहीं हुई और घर के दरवाजे खोलकर बाहर दौड़ आई। उसकी दृष्टि भगवान पर ही टिकी रही। भगवान के कहने के बाद होश में आई और भगवान श्री कृष्ण को घर के अंदर ले गई। भगवान को आसान दिया। भोजन के लिए कुछ न होने पर विदुरानी ने केले लाए और भगवान को खिलाने लगी। विदुरानी के प्रेम में भगवान भी केले के छिलके खाने लगे। जब विदुर घर पहुंचे तो उन्होंने विदुरानी को टोका और भगवान को केले का गूदा खिलाने लगे। भगवान ने कहा कि विदुर ने केले का गूदा खिलाकर ठीक काम किया, लेकिन छिलकों में जो स्वाद था, वह गूदे में नहीं था। इस तरह श्रीकृष्ण ने विदुर और विदुरानी के घर प्रेम से भोजन किया। इस मौके गोशाला के उप प्रधान राजीव मित्तल, दिनेश शर्मा, प्रकाश बंसल, मंदीप कादयान, धर्मेंद्र मौजूद रहे।