झज्जर। सिद्ध श्री 108 बाबा कांशीगिरि मंदिर में सत्संग का आयोजन किया गया। कथा वाचक पवन कौशिक ने कहा कि भाव के सहारे ही परमात्मा को पाया जा सकता है। इंसान को अगर परमात्मा से मिलना है तो प्रेम रूपी डोरी को प्रभु को सौंप देना चाहिए। भगवान श्री कृष्ण ने तो ऐसे भक्तों को सर्वोपरि माना जो भगवान से पहले अपने माता पिता की सेवा करते हैं। उन्होंने कहा कि अगर हमें किसी चीज का त्याग कर कथा सुनने आना पड़े तो हमें उस का त्याग कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रभु की भक्ति करके उसे पाया जा सकता है। इसलिए मनुष्य प्रभु का सिमरन करना चाहिए। प्रभु भक्ति से ही इंसान की नैया पार हो सकती है।