बहादुरगढ़। कॉन्फेडरेशन ऑफ बहादुरगढ़ इंडस्ट्रीज (कोबी) ने शहर को दिव्य नगरी बनाने के नगर परिषद व सरकार के प्रयासों की सराहना की है लेकिन औद्योगिक क्षेत्रों में भी बिजली व अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने की मांग की है। कोबी के प्रधान प्रवीण गर्ग ने कहा कि सरकार को अरबों रुपये राजस्व और लाखों लोगों को रोजगार देने वाले उद्योगों की अनदेखी हो रही है।
जिला नगर आयुक्त जगनिवास ने 13 जून को नगर परिषद कार्यालय में अधिकारियों की एक बैठक ली थी। बैठक में शहर को दिव्य नगर बनाने के लिए कई तरह की योजनाओं पर चर्चा हुई थी। कोबी ने परिषद व प्रशासन की इस पहल को सराहा है, लेकिन उद्योगों को भी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाने की मांग की है। कोबी के प्रधान प्रवीण गर्ग ने कहा कि दशकों से औद्योगिक नगरी के नाम से परिचित बहादुरगढ़ के उद्योगों को बचाने के लिए सुविधाएं देना भी बहुत जरूरी है। यदि उद्योग के साथ यही रवैया रहा तो वह दिन दूर नहीं जब उद्यमी यहां से पलायन करना शुरू कर देंगे। उन्होंने कहा कि आसपास के क्षेत्रों में उद्योगों के लिए बहुत अनुकूल हालात हैं। बहादुरगढ़ के उद्योग केवल दिल्ली नजदीक होने के कारण तरक्की नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि आजकल उद्योग बिजली का संकट झेल रहे हैं। सरकार तो उद्योगों को 24 घंटे बिजली देने का दावा करती है, लेकिन असलियत ये है कि हर रोज 24 घंटे में पांच-छह घंटे कट लग जाते हैं। बिजली निगम अधिकारियों से बात की जाए तो ऊपर से ही सप्लाई न होने की बात कहते हैं या ओवलोडिंग बताकर पल्ला झाड़ लेते हैं। जेनरेटर चलाने पर राष्ट्रीय ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की कार्रवाई का डर होता है। गर्ग ने कहा कि बिजली पानी की सुविधा न होने से भी उद्योग चलाने में कठिनाई होती है। इसके अलावा कई औद्योगिक क्षेत्रों को सरकार ने वैध करार नहीं दिया है। यानी राजस्व के साधन उद्योगों को मजबूत करके ही शहर को दिव्य बनाया जा सकता है।