-फोटो 52 : बाजार में साड़ी की दुकान पर खरीदारी करती महिलाएं। संवाद
बहादुरगढ़। करवाचौथ के लिए बाजार सज चुके है और जमकर खरीदारी हो रही है। सबसे अधिक साड़ी, लहंगे, चूड़ी, कंगन की खरीद की जा रही है। महिलाएं सूरत और बनारस की साड़ियां पसंद कर रही हैं। चूड़ियों में राजस्थानी रवजवाड़ा डिजाइन वाली चूड़ियों की मांग अधिक है। घूमर वाला लहंगा खूब पसंद किया जा रहा है। 20 अक्तूबर को करवाचौथ का पर्व मनाया जाएगा।
महिलाएं करवा चौथ पर नए परिधानों में सजकर पूजन करतीं हैं। इसके लिए बाजार में जमकर खरीदारी हो रही है। साड़ियों और लहंगों के रंग के अनुरूप ही चूड़ियों के सेट तैयार करवाए जा रहे हैं। दुकानदारों ने सूरत, मुंबई, बनारस सहित अन्य शहरों से साड़ियों का स्टॉक पहले से ही मंगवाया है। रेलवे रोड पर स्थित साड़ी के व्यापारी पुरुषोत्तम ने बताया कि बाजारों में एक हजार से 15 हजार रुपये तक की साड़ियां दी जा रही हैं। लहंगों में सबसे अधिक बिक्री 8 से 10 हजार वाली रेंज के लहंगों की है।
लाइट वेट और डिजाइनर साड़ियों की ज्यादा मांग
्नाहरा-नाहरी रोड के साड़ी कारोबार भरत के मुताबिक, हर बार त्योहार पर फैशन और ट्रेंड बदलता रहा है। इस बार सूरत और बनारसी के साथ ही कांजीवरम की साड़ी खरीदी जा रही है। बनारसी सिल्क का दौर फिर से लौटने लगा है। इनमें लाइट वेट और डिजाइनर साड़ी अधिक पसंद की जा रही है। दुकानदार राकेश छाबड़ा बताते हैं कि त्योहार के साथ ही विवाह सहित अन्य मांगलिक कार्यों के लिए परिधानों की खरीद की जा रही है। नवंबर और दिसंबर माह विवाह सीजन के नाम रहेंगे।
रजवाड़ा ट्रेंड की चूड़ियाें की मांग अधिक
शहर के मेन बाजार में चूड़ी कारोबार सुनील मल्होत्रा के अनुसार राजस्थान से आए रजवाड़ा चूड़े और चूड़ियों के सेट की काफी मांग है। इनकी खास बात यह है कि इन्हें साड़ी के साथ ही अन्य फेस्टिवल ड्रेस के साथ भी पहना जा सकता है। महिलाओं में रजवाड़ी चूड़ी पहनने का अधिक क्रेज है। महिलाओं के लिए मांग के अनुरूप 400 रुपये से 1500 रुये तक के चूड़ी सेट तैयार किए जा रहे हैं।