: स्लोगन के जरिये नशे के प्रति जागरूक करते हुए स्वयंसेविका।
बहादुरगढ़। वैश्य आर्य शिक्षण महिला महाविद्यालय में नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस के उपलक्ष्य में स्वयंसेविकाओं ने समुदाय और महाविद्यालय द्वारा गोद लिए हुए गांव सांखौल व नूना माजरा में घर-घर जाकर स्लोगन के माध्यम से आमजन को नशे से दूर रहने को लेकर जागरूक किया। स्वयंसेविकाओ ने नशीली दवाओं के दुरुपयोग और व्यक्ति पर होने वाले इसके दुष्प्रभावों के खिलाफ जागरूकता फैलाने का प्रयास किया कि ड्रग्स का सेवन या ड्रग्स की लत एक सामाजिक और मनोवैज्ञानिक समस्या है जो न केवल पूरे विश्व के युवाओं को प्रभावित करती है, बल्कि विभिन्न आयु के लोगों को भी प्रभावित करती है। यह व्यक्तियों और समाज को कई क्षेत्रों में नष्ट कर देती है जिनमें मुख्य है सामाजिक, शारीरिक, सांस्कृतिक, भावनात्मक और आर्थिक। हम अपने पन व प्यार से युवाओं को इस लत का शिकार होने से बचा सकते हैं। महाविद्यालय की प्राचार्य डा. आशा शर्मा ने कहा कि नशे की लत एक व्यक्ति की मनोदशा और व्यवहार को प्रभावित करती हैं। मादक पदार्थों की लत का खतरा भारत के युवाओं में तेजी से फैल रहा है। मादक पदार्थों का उपयोग हमारे स्वास्थ्य, सुरक्षा, शांति और विकास को गंभीर रूप से प्रभावित करता है। हमें इनके सेवन न करने के विषय में जागरूकता फैलानी है ताकि लोगों को इस लत से बचा सकें। इस कार्यक्रम का आयोजन एनएसएस, वाईआरसी इकाई व ऑउटरीच सैल द्वारा किया गया।