बहादुरगढ़। गांव मांडोठी में रहस्यमय हालात में बार-बार आग लगने वाले मकान में रविवार को पुलिस और फॉरेंसिक साइंस लैब की टीम पहुंची। एफएसएल विशेषज्ञों ने जांच के लिए मकान में जले हुए सामान की राख के नमूने लिए। इन नमूनों को जांच के लिए मधुबन प्रयोगशाला भेजा जाएगा। इनकी जांच के बाद आग लगने के कारणों का खुलासा हो सकता है।
बता दें कि मांडोठी स्थित मुकेश रोहिल्ला के मकान में बीते बुधवार से शुक्रवार तक 16 बार रहस्यमय परिस्थितियों में आग लगी। आग लगने की घटनाएं मकान में अलग-अलग स्थानों पर हुईं। बार-बार आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। गत शुक्रवार की शाम को पीड़ित परिवार ने अपनी रिहायश दूसरे मकान में कर ली थी। जिस पर वह मकान लगभग खाली हो गया। हालांकि मकान को खाली करने के बाद एक बार भी आग लगने की घटना नहीं हुई। शनिवार को आग नहीं लगी। मकान में आटा पीसने वाली चक्की और पशुओं के लिए चारा काटने की मशीन (गंडासा) लगी है। इसलिए रविवार को आटे की पिसाई करने व चारा काटने के लिए परिवार के सदस्य मकान में आए और अपने या काम निपटाए।
अमर उजाला में खबर छपने के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित यशवर्धन ने मामले में संज्ञान लिया। उन्होंने रविवार को आसौदा थाना प्रभारी इंस्पेक्टर जसबीर सिंह और मांडोठी पुलिस चौकी इंचार्ज रणदीप सिंह को मांडोठी स्थित मकान में जांच के लिए भेजा। एफएसएल टीम को भी साथ ही भेजा गया। यहां पुलिस ने मकान मालिक मुकेश रोहिल्ला और उनके परिवार के लोगों से घटना को लेकर पूछताछ की।
एफएसएल विशेषज्ञ डॉ. नीतू के नेतृत्व में पहुंची टीम ने मकान में अलग-अलग स्थान पर जले सामान के छह नमूने लिए। चौकी इंचार्ज रणदीप सिंह ने बताया कि इन नमूनों को जांच के लिए फॉरेंसिक लैब मधुबन (करनाल) भेजा जाएगा। जांच के बाद मकान में आग लगने का कारण सामने आ सकता है। प्रभावित परिवार के मुखिया मुकेश रोहिल्ला ने बताया कि अब पत्नी निर्मला सहित उनका सारा परिवार खुद को सुरक्षित महसूस कर रहा है। उधर, रोहतक से हरियाणा विज्ञान केंद्र की टीम भी सोमवार को सतबीर नागल के नेतृत्व में घटना स्थल पहुंचकर मकान में बार-बार आग लगने के कारण की जांच करेंगी।