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Jhajjar-Bahadurgarh News: शराब का ठेका बंद कराने में सफल हुईं चार ग्राम पंचायतें

Wed, 21 Aug 2024 04:18 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
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झज्जर। मजबूत पैरवी और ठोस तथ्यों के आधार पर जिले की चार ग्राम पंचायतें अपने गांव से शराब के ठेके हटवाने में सफल हो गए हैं। इन ग्राम पंचायतों की ओर से आबकारी विभाग को भेजे गए ठेका न खोलने के प्रस्ताव को मुख्यालय से मंजूरी मिल गई है। इसके बाद इन गांवों में इस बार ठेके नहीं खोले जाएंगे, हालांकि 9 ग्राम पंचायतों के प्रस्ताव दस्तावेज में खामी के चलते नामंजूर कर दिए गए हैं।
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जिले की 13 ग्राम पंचायतों ने अपने गांव से शराब के ठेके हटवाने के प्रस्ताव आबकारी विभाग को भेजे थे। इनमें इनमें मुकुंदरपुरा, दुबलधन, किरमाण, किरमाण बिध्यान, बाघपुर, मांगावास, माजरा बी, बिलोचपुरा, भिंडावास, रणखंडा, शाहजहांपुरा, खोरड़ा, दुजाना, सिलानी केशो, मदाना खुर्द, कड़ोदा, नंगला गांव शामिल थे। प्रस्ताव के साथ इन ग्राम पंचायतों ने ठेके न खोलने की ठोस वजह बताई थी। दस्तावेज भी लगाए थे। इन सभी ग्राम पंचायतों के प्रस्ताव को आबकारी विभाग की तरफ से मुख्यालय को भेजा गया था। इन सभी प्रस्तावों पर मुख्यालय में चर्चा की गई। विचार विमर्श के बाद 9 ग्राम पंचायतों के दिए गए प्रस्ताव और दस्तावेज में कमियां मिली और उनके प्रस्ताव निरस्त कर दिए गए। चार ही ग्राम पंचायतों के दस्तावेज व प्रस्ताव सही मिले। इन ग्राम पंचायतों में रणखंडा, बिलौचपुर, शाहजहांपुरा, भिंडावास के नाम शामिल हैं। इस बार केवल चार ही गांवों में शराब ठेके नहीं खोलने का निर्णय लिया गया है।
शराब के ठेकों से बिगड़ता है माहौल
शराब के ठेकों का विरोध कई गांवों मेंं होता है। अक्सर महिलाएं इनके विरोध में प्रदर्शन करती हैं। ग्राम पंचायतों का कहना है कि शराब के ठेकों से गांव का माहौल खराब होता है। युवा वर्ग को शराब की लत लग जाती है। शराब की वजह से घर में विवाद होता है। नशे की हालत में घटनाएं भी होती हैं। इसके अलावा कई अन्य वजह भी होती हैं।
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इस साल 24 करोड़ अधिक मिला राजस्व
शराब के ठेकों ने आबकारी विभाग की कमाई बढ़ा दी है। विभाग ने पिछले माह ही ठेकों का आवंटन जारी किया है। शराब के ठेके छूटने से इस साल सरकार को 276.40 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है, जो पिछले साल 252 कराेड़ था। यानि सरकार को इस साल 24.40 करोड़ रुपये ज्यादा राजस्व मिला है। कमाई अधिक होने की वजह से विभाग की मंशा भी अधिक से अधिक ठेके खोलने की रहती है।
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वर्जन
चार गांवों में इस साल ठेके नहीं खोले गए। पिछले साल के मुकाबले इस साल 24.40 करोड़ रुपये ज्यादा का राजस्व मिला है।
अनिरुद्ध शर्मा, उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त
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