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बारिश में ओवरफ्लो होकर छुड़ानी में फिर टूटी मातन लिंक ड्रेन, सैंकड़ों एकड़ फसल जलमग्न

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बहादुरगढ़। पिछले कई दिन से लगातार बारिश से मुश्किलें खड़ी होने लगी हैं। औद्योगिक नगरी जलमग्न हो गई है। गली मोहल्लों में बारिश का पानी भर गया । आवागमन प्रभावित होने लगा है। छुड़ानी गांव में मातन लिंक ड्रेन ओवरफ्लो होकर टूट गई है। ड्रेन में 15 से 20 फीट चौड़ा कट बन गया। जिसके कारण ड्रेन का पानी भी खेतों में भर गया है और किसानों के धान की फसल पानी में पूरी तरह से जलमग्न हो गई है।
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छुड़ानी निवासी किसान कृष्ण और रोहतास ने कहा कि किसानों ने सिंचाई विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना भी दी लेकिन ड्रेन का कट बंद नहीं किया गया। किसानों का कहना है कि ड्रेन को ठीक करने के नाम पर सिर्फ लीपापोती होती रही है। इस बार फसल हुई है लेकिन अब मातन लिंक ड्रेन टूटने से फसल बर्बाद हो गई है। कई अन्य किसानों ने कहा कि मातन लिंक ड्रेन को ठीेक करने के लिए सिंचाई विभाग ने कर्मचारी भी भेजे, लेकिन कर्मचारियों के पास कट को बंद करने के लिए प्लास्टिक के ना तो बैग थे और ना ही मिट्टी। मिट्टी और प्लास्टिक के कट्टे घंटों तक नहीं आने के बाद कई काम के लिए आए कई बेलदार तो खेतों में भरे ड्रेन के पानी से मछली पकड़ने में जुट गए। किसानों ने कहा कि करीब 40 साल बाद मातन लिंक ड्रेन का निर्माण हुआ है। आधा अधूरा निर्माण अब किसानों के लिए शामत बन गया है। मातन लिंक ड्रेन का पानी केसीबी ड्रेन में डाला जाना है। इसके लिए 10 क्यूसिक के 6 पंप मंजूर हो रखे हैं लेकिन वो पंप अभी तक नही लगे हैं। जिसके कारण छोटे-छोटे पंपसेट लगाकर पानी की निकासी शुरू की गई है।
निर्माण कार्य में खामियों का आरोप
छुड़ानी के किसानों विजय, कृष्ण व अनिल का आरोप है कि मातन लिंक ड्रेन के निर्माण में भी जमकर खामियां और भ्रष्टाचार हुआ है। ड्रेन का निर्माण बाहर से मिट्टी लाकर होना था लेकिन ठेकेदार ने ड्रेन के रास्ते की मिट्टी खोदकर उसे बना दिया और ड्रेन के किनारे भी मजबूत नही किए। जिसके कारण बारिश के इस सीजन में मातन लिंक ड्रेन दो बार टूट चुकी है। फिलहाल किसान इंद्र देवता से और ज्यादा बारिश नहीं करने की प्रार्थना कर रहे हैं और शासन प्रशासन से राहत कार्य तेजी से करने की गुजारिश भी कर रहे हैं।
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पंप लगाकर निकलवाया जाएगा पानी :
सिंचाई विभाग की मेकेनिकल शाखा के जेई मनोज ने बताया कि डीजल और इलेक्ट्रिक पंप लगाकर पानी की निकासी की जा रही है। बारिश बंद होने के बाद 2-3 दिन में पानी की निकासी करवा दी जाएगी।
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