साल्हावास। गांव जमालपुर में किसी पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार करना तो दूर शव को श्मशान घाट तक ले जाना ही चुनौती बन जाता है। अव्यवस्थाओं के चलते शोक संतप्त परिवार व अन्य को परेशान होना पड़ता है। जमालपुर के श्मशान घाट तक जाने वाले रास्ते में सालों से पानी भरा है। यहां दूषित पानी की निकासी नहीं हो पाती।
गांव के छोटे नाले की निकासी न होने के कारण ग्रामीणों को श्मशान घाट तक पहुंचना ही आसान नहीं है। रास्ते में कई असुविधाओं का सामना करना पड़ता है। यहां के श्मशान घाट की ना तो चाहरदीवारी है और न ही पानी की कोई व्यवस्था है। साफ-सफाई न होने के कारण यहां पर घास-फूस और झाड़ियां हैं, इसमें जहरीले जीव-जंतुओं का डर लोगों को बना रहता है। यही नहीं श्मशान घाट में टीन शेड तक नहीं है, अंतिम संस्कार भी मौसम पर निर्भर हो जाता है। इन सब समस्याओं के चलते ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीण अजीत सिंह, अनेश, बन्नी सिंह, नरेंद्र, प्रवीण, रत्न सिंह, सुनील का कहना है कि उन्होंने लोकसभा सांसद अरविंद शर्मा के समक्ष बार-बार मुद्दा उठाया है। यही नहीं भारत विकसित यात्रा में भी इस समस्या को उठाया जा चुका है, लेकिन अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है।
श्मशान घाट की चाहरदीवारी, टीन शेड व पानी की व्यवस्था के लिए एस्टीमेट भेजा हुआ है। जैसे ही सरकार की तरफ से धनराशि स्वीकृत होती है तो कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।
- राजाराम, बीडीपीओ, मातनहेल