झज्जर। शहर की पांच काॅलोनियों के लोग पिछले 9 माह से अपनी कॉलोनियों के वैध होने का इंतजार कर रहे हैं। नगर परिषद की तरफ से इन काॅलोनियों को वैध करने के लिए फाइल तैयार कर स्थानीय शहरी निकाय निदेशालय भेजी हुई है, इसके बावजूद भी काॅलोनियां वैध नहीं हो रही। हालांकि, सरकार कई बार काॅलोनियों को वैध कर उनकी सूची जारी कर चुकी है, लेकिन शहर की पांच काॅलोनियों के बाशिंदों का इंतजार लंबा होता जा रहा है।
शहर की देव नगर, मारुति काॅलोनी, लालचंद, धर्म काॅलोनी और जय हिंद नीम वाली काॅलोनी में लगभग 5 हजार से ज्यादा की आबादी काॅलोनियों के वैध होने का इंतजार कर रही है। सरकार ने अक्तूबर 2023 में शहर की 32 काॅलोनियों को वैध किया था, इसमें इन पांच काॅलोनियों का नंबर नहीं पड़ा था। हालांकि नगर परिषद ने कुल 37 काॅलोनियों को वैध करने के लिए फाइल को मुख्यालय भेजा था, लेकिन तकनीकी अड़चन के चलते इन पांच काॅलोनियों को वैध नहीं किया गया था। इसके बाद नगर परिषद की तरफ से इन काॅलोनियों को वैध करने के लिए लगाए गए सभी आब्जेक्शन को दूर कर फाइल दोबारा मुख्यालय भेज दी थी, लेकिन उसके बाद भी काॅलोनियां अब तक वैध नहीं हुई।
32 काॅलोनियों के एस्टीमेट बने, टेंडर लगाए जाने बाकी
शहर की 32 काॅलोनियों में गलियों के निर्माण के लिए नगर परिषद ने एस्टीमेट तैयार किए हुए हैं। इनकी प्रशासनिक मंजूरी मुख्यालय से मांगी हुई है। गलियों के निर्माण पर फिलहाल 16 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। मंजूरी मिलने के बाद नगर परिषद द्वारा इन सभी के टेंडर लगाएगा। इन काॅलोनियों में विकास के लिए प्रस्ताव नगर परिषद की तरफ से पारित किए जा चुके हैं, लेकिन अब तक काम शुरू नहीं हो सके हैं।
पांच काॅलोनियों को वैध करने को लेकर नगर परिषद की तरफ से फाइल तैयार कर मुख्यालय भेजी गई है। उम्मीद है कि जल्द ही सरकार द्वारा इनको वैध का दर्जा दिया जाएगा। जहां तक 32 काॅलोनियों का सवाल है तो उनके काम भी जल्द शुरू कराए जाएंगे।
- केके यादव, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद, झज्जर