संवाद न्यूज एजेंसी
झज्जर। तीन दिन से निरंतर हो रही बारिश के कारण खेतों, ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के निचले इलाकाें में बारिश का पानी भर गया है। क्षेत्र में जलस्तर निरंतर बढ़ता जा रहा है। शहर के चौक-चौराहे व सड़कें जलमग्न होने के कारण लोगों की परेशानी बढ़ गई है। शाम छह बजे तक जिले में करीब 33 एमएम औसतन बारिश हो चुकी है। रुक-रुक कर बारिश का दौर चल रहा है। जिलाधीश कैप्टन शक्ति सिंह ने बारिश की आशंका को देखते हुए मंगलवार को जनहित में जिले के सभी राजकीय, निजी स्कूलों व प्ले स्कूलों में अवकाश घोषित किया है। वहीं सोमवार को भी स्कूल बंद रखे गए।
बारिश के कारण शहर के आंबेडकर चौक, बिकानेर चौक, पुराना बस स्टैंड के सामने व पीछे से गुजरने वाली सड़क, माता गेट, छारा चुंगी, दिल्ली गेट सहित विभिन्न क्षेत्रों में पानी भर गया है। इससे वाहन चालकों व पैदल राहगीरों को भी पानी से निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
बारिश का पानी खेतों में भरने के कारण सब्जी की फसलों पर खतरा मंडराने लगा है। अगर खेतों से पानी की निकासी समय पर नहीं हुई तो सब्जी की फसल खराब हो सकती है। शहर के बाहरी क्षेत्र में बोई गई सब्जी की फसल डूबी हुई है।
क्षेत्र के बारिश के पानी की निकासी के लिए बनाई गई ड्रेन नंबर 8 का जलस्तर भी बढ़ने लगा है। ड्रेन के आसपास लगते दर्जनों गांव के किसानों की जमीन पर पानी भरा हुआ है। सिंचाई विभाग के आंकड़ों के मुताबिक भिंडावास झील तक ड्रेन के पानी की क्षमता 1537 क्यूसिक और भिंडावास झील से आगे ढांसा बॉर्डर तक इसकी क्षमता करीब 4,000 क्यूसिक पानी निकासी की है, लेकिन इस बार बारिश का पानी किसानों के खेतों में भर गया है। फिलहाल इसमें 700 क्यूसिक पानी चल रहा है।
तीन जिलों के पानी को पहुंचाती है यमुना तक
ड्रेन नंबर आठ झज्जर, रोहतक और सोनीपत जिलों व दिल्ली के नजफगढ़ क्षेत्र के पानी को यमुना नदी तक पहुंचाती है। जब यमुना का जलस्तर बढ़ जाता है तो दिल्ली सरकार तरफ से इसके गेट बंद कर दिए जाते हैं और ड्रेन बैक मार जाती है, जिससे ओवरफ्लो होकर पानी आसपास क्षेत्र के खेतों में भर जाता है।
वर्जन
इस बार ड्रेन में पीछे से बारिश का पानी नहीं आया है। अभी ड्रेन का जलस्तर हल्का सा बढ़ा है। चार हजार क्यूसिक पानी निकासी की ड्रेन है।
- सतीश कुमार जनावा, एसई, सिंचाई विभाग, झज्जर।