साल्हावास। दो दिन पहले हुई बारिश और उसके बाद से चल रही तेज हवा गेहूं व सरसों की फसल के लिए खतरा बनी हुई है। कई खेतों में सरसों की फसल झुक गई तो गेहूं की फसल गिर गई है। इससे किसान परेशान है। उन्हें गेहूं का दाना काला पड़ने का डर सता रहा है। किसानों को डर है कि इसका असर पैदावार पर पड़ सकता है।
एक सप्ताह से मौसम में चल रही उठा पटक किसानों के लिए सिरदर्द बनी है। जनवरी में हुई बारिश के बाद से गेहूं की पैदावार बढ़ने की उम्मीद थी, लेकिन दो दिन पहले हल्की फुल्की बारिश व तेज हवा के चलने से किसानों की उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है किसान विक्रम ने बताया कि इस बार सारे क्षेत्र में ही फसल कुछ पछेती थी। मार्च की शुरुआत में तापमान में भी बढ़ोतरी ही रहा। फरवरी में मौसम के तापमान में गिरावट होने के कारण फसल पकने में भी देरी हो गई। गेहूं के खेतों में फसल अभी सुनहरी भी नहीं दिखाई दी है। पिछले दो दिन से हल्की बूंदाबादी के बाद दिन भर चली तेज हवाओं के साथ फसल झुक गई। बूंदाबांदी की वजह से धरती में नमी हो गई। उसी दिन से तेज हवा चल रही है। इस का फसल गिर रही है। फसल गिरने से नुकसान की आशंका बढ़ रही है, क्योंकि अभी गेहूं का दाना कच्चा है। इसका सीधा असर गेहूं की पैदावार पर पड़ेगा। कृषि विभाग के तकनीकी अधिकारी डॉक्टर ईश्वर सिंह ने बताया कि जिले में हवा व बूंदाबांदी से नुकसान की कम ही आशंका है। फिलहाल किसानों के लिए स्थिति सामान्य है। किसी भी प्रकार के कोई नुकसान होने की रिपोर्ट अभी तक क्षेत्र से नहीं आई है।