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फतेहपुरी गांव ने दी भाईचारे की मिसाल, पूरी पंचायत का सर्वसम्मति से गठन

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झज्जर। फतेहपुरी गांव में ग्रामीणों ने फिर से भाईचारे की मिसाल दी है। ग्रामीणों ने आपसी सहमति से अपना सरपंच और सभी पंच चुने हैं।
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2500 की आबादी वाले गांव में करीब 1400 मतदाता हैं।
इस बार गांव ने पैरामिलिट्री फोर्स से रिटायर्ड ईश्वर सिंह को उनकी साफ छवी के चलते सर्व सम्मति से गांव का सरपंच चुना गया है। 2011 में ईश्वर सिंह के बड़े भाई सुल्तान सिंह ने सरपंच पद के लिए चुनाव लड़ा था लेकिन वह उस चुनाव नहीं जीत पाए। वहीं चुनाव के कुछ समय बाद उनकी मौत हो गई थी। जिसके बाद ग्रामीणों ने सुल्तान सिंह के परिवार में सरपंच बनाने का मन बना लिया था। अनुसूचित जाति के उम्मीदवार के लिए यह सीट आरक्षित हुई थी। गांव के आठों वार्डों से सभी पंचों को सर्वसम्मति चुने गए। गांव के 8 वार्ड में से 7 वार्डों में से केवल एक-एक पंच ने नामांकन किया था। तीन नंबर वार्ड में दो प्रत्याशी नामांकन करने के बारे में विचार कर रहे थे। जिसके चलते ग्रामीणों की सहमति से उस वार्ड से भी एक पंच को सर्वसम्मति से चुन लिया गया।
वार्ड नंबर एक राजेंद्र सिंह, वार्ड दो, रीना पत्नी संदीप, वार्ड तीन अमित पुत्र ईश्वर सिंह, वार्ड चार से जागृति पत्नी इकबाल, वार्ड पांच से राजसिंह पुत्र लक्ष्मी नारायण, वार्ड 6 से ममता पत्नी राजीव कुमार, वार्ड सात से वजीर पुत्र शीशराम, वार्ड आठ से बाला पुत्र रामानंद चुने गए हैं। गांव में दो बार पहले भी सरपंचों को सर्वसम्मति से चुना गया है। 1978 में महाराम डागर को सरपंच चुना गया है।वहीं 1988 में कुंदन सिहं को सर्व सम्मति से सरपंच चुना गया था।
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- वर्जन :
फतेहपुरी गांव की पंचायत सर्वसम्मति से चुनाव हुआ है। गांव के सरपंच व आठ पंचों का चुनाव सर्वसम्मति से ग्रामीणों ने किया। यह गांव वालों का अच्छा निर्णय है।
- ललीता वर्मा, डीडीपीओ
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