जींद। कृ षि विज्ञान केंद्र पांडु पिंडारा द्वारा ढाठरथ गांव में मिट्टी व पानी जांच के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर डॉ धीरज पंघाल ने किसानों को मिट्टी व पानी की जांच के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया की मिट्टी की जांच से मिट्टी की उर्वरा शक्ति का पता चलता है।
उन्होंने किसानों से फसलों में रासायनिक खादों का प्रयोग कम करने के साथ पोषक तत्वों के एकीकृत प्रबंधन करके पैदावार के तरीकों के बारे में बताया। उन्होंने मिट्टी-पानी जांच के विभिन्न पहलुओं, जिसमें विद्युत चालकता, मिट्टी व पानी में पीएच मान आदि की जानकारी दी, साथ ही मिट्टी व पानी के जांच के आधार पर फ सलों में बेहतर उत्पादन के लिए समग्र सिफरिशों को अपनाने की सलाह दी। डॉ रवि ने किसानों को धान की सीधी बिजाई करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने बताया कि धान की सीधी बिजाई से पानी, श्रम व धन की बचत होती है। पर्यावरण में प्रदूषण की कमी होती है। इस दौरान डॉ. सरोज देवी ने मोटे अनाजों की महत्वता बताते हुए कहा कि मोटे अनाजों के उत्पादन से मृदा की उत्पादकता काफी मात्रा में बढ़ती है।