झज्जर। इस समय क्षेत्र में सरसों की कटाई व कढ़ाई का कार्य जोरों पर है। जिन किसानों ने सरसों की फसल निकाल ली है, उन्होंने अनाज मंडी का रुख कर लिया है। झज्जर जिले में दिल्ली बॉर्डर के साथ लगते गांव के किसान सरसों लेकर दिल्ली की नजफगढ़ मंडी में पहुंच रहे हैं।
यहां पर उन्हें 5100 से 5200 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से सरसों बेचनी पड़ रही है। जबकि सरकार की तरफ से सरसों की सरकारी खरीद के लिए 5450 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है।
प्रदेश के कृषि मंत्री जेपी दलाल के 15 मार्च से सरकारी खरीद शुरू करने की घोषणा के बाद शनिवार को झज्जर की अनाज मंडी में सरसों की आवक नहीं हुई। किसानों ने सरकारी खरीद 15 मार्च से होने के चक्कर में सरसों की आवक रोक दी है, क्योंकि प्राइवेट खरीद में किसानों को 250 से लेकर 350 रुपये तक प्रति क्विंटल का घाटा हो रहा है।
दिल्ली अनाज मंडी ले जाने के लिए गाड़ी का किराया व अपने वाहनों का तेल का खर्च अलग से वहन करना पड़ता है। इस चक्कर में किसानों ने सरकारी खरीद शुरू होने का इंतजार करना ही उचित समझा है। फिलहाल अनाज मंडी में सरसों की खरीद को लेकर कोई विशेष तैयारी नहीं की गई है। सोमवार व मंगलवार को तैयारियों को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है।