झज्जर। डीसी शक्ति सिंह ने जिला के किसानों का आह्वान किया कि वे सरकार की ओर से शुरू की गई फसल अवशेष प्रबंधन योजना का पूर्ण लाभ उठाएं। किसान कृषि यंत्रों से धान की पराली को मिट्टी में मिलाकर भूमि की उपजाऊ शक्ति बढ़ा सकते हैं।
डीसी ने कहा कि स्ट्रा बेलर मशीन से पराली की गांठ बनाकर सरकार द्वारा दी जा रही एक हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि प्राप्त कर सकते हैं। फसल अवशेष प्रबंधन उनकी आय का अतिरिक्त स्रोत बन सकता है।
डीसी ने कहा है कि सरकार द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन की महत्वपूर्ण योजना के तहत किसानों को फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन के लिए जागरूक किया जा रहा है। इस योजना के तहत किसानों को कृषि यंत्रों सुपर सीडर, जीरो टिलेज मशीन, स्ट्रा चोपर, हैपी सीडर एवं रिवर्सिबल प्लो अनुदान पर दिए जाते है। किसान इन कृषि यंत्रों का प्रयोग करके पराली को मिट्टड्ढी में मिलाकर जमीन की उर्वरा शक्ति बढ़ा सकते हैं या स्ट्रा बेलर मशीन से पराली की गांठ बनाकर सरकार द्वारा दी जा रही एक हजार रुपए प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि का लाभ उठा सकते हैं।
फसल अवशेष जलाने वालों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई
डीसी ने कहा कि फसल अवशेष जलाने से होने वाले किसानों से जुर्माना वसूल किया जाएगा। डीसी ने बताया कि एक एकड़ में लगभग दो टन पराली का उत्पादन होता है। इसकी गांठ बेचने पर किसान की अच्छी आमदनी भी होती है तथा किसानों द्वारा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाने से एक हजार प्रति एकड़ तक का लाभ दिया जाता है। संवाद