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Jhajjar-Bahadurgarh News: एमएसपी से कम भाव में सरसों बेचने पर मजबूर हैं किसान

Tue, 28 Mar 2023 12:20 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
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बहादुरगढ़। स्थानीय अनाज मंडी के आढ़ती सरकारी भाव में सरसों की खरीद के लिए हैफेड के अनुबंध पर काम करने को तैयार नहीं हैं। इसलिए सोमवार को भी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरसों की सरकारी खरीद आरंभ नहीं हो पाई। किसानों को एमएसपी से काफी कम भाव में अपनी सरसों बेचनी पड़ी।
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सरसों की खरीद के लिए हैफेड के साथ अनुबंध पर काम करने के लिए कोई भी आढ़ती तैयार नहीं है। वे कमीशन एजेंट के रूप में काम करने को तैयार हैं। हैफेड की ओर से आढ़तियों की ओर से ली गई बैठक में उन्होंने साफ मना कर दिया है। ऐसे में हैफेड की ओर से लगातार दूसरी बार लगाए गए टेंडर में हैंडलिंग कांट्रैक्टर के लिए किसी भी आढ़ती ने बिड नहीं डाली। ऐसे में अब तीसरी बार हैफेड ने टेंडर लगाया है। यह टेंडर बुधवार को खोला जाएगा। अगर इस बार भी कोई हैंडलिंग कांट्रैक्टर नहीं आता तो सरसों की खरीद प्रक्रिया शुरू होना मुश्किल है। ऐसे में हैफेड अपने लेबर अनुबंध से फिर यह काम करवा सकता है। दरअसल, 20 मार्च से सरसों की खरीद शुरू होनी थी लेकिन आढ़तियों के माध्यम की बजाय हैंडलिंग कांट्रेक्टर करके सरसों की खरीद करने का हैफेड ने निर्णय लिया है। ऐसे में आढ़ती शांत हैं। उधर, हैफेड के पास सरसों की खरीद के लिए न तो कांटा है और ही झराई व भराई के लिए श्रमिक हैं। ऐसे में हैफेड ने हैंडलिंग कांट्रैक्टर से अनुबंध पर श्रमिक व सामान लेने का निर्णय लिया था। हैफेड के स्थानीय प्रबंधक जयप्रकाश ने बताया कि हैंडलिंग कांट्रैक्टर का टेंडर निकाला था लेकिन किसी ने भी आवेदन नहीं किया। अब बुधवार के लिए फिर से टेंडर निकाला गया है। सरकारी खरीद आरंभ न होने की वजह से किसान अपनी सरसों 5000 से 5100 रुपये प्रति क्विंटल में बेचने पर मजबूर हैं।
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