संवाद न्यूज एजेंसी
बहादुरगढ़। बादली के गांव बाढ़सा में स्थित राष्ट्रीय कैंसर संस्थान में सुविधाएं बढ़ाई गई हैं। संस्थान में निजी वार्ड विंग और सेंटर फॉर मेडिकल इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (सीएमआईई) की शुरुआत हुई है। यहां अब मरीजों को विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगीं।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण व रसायन, उर्वरक मंत्री मनसुख मंडाविया ने बुधवार शाम दोनों सुविधाओं का उद्घाटन नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) से वर्चुअल माध्यम से किया। केंद्रीय मंत्री ने एम्स नई दिल्ली के लिए भी कई परियोजनाओं का लोकार्पण किया। विशिष्ट अतिथि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण व जनजातीय कार्य राज्यमंत्री भारती प्रवीण पंवार और केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव सुधांश पंत उपस्थित रहे।
बाढ़सा के कैंसर संस्थान में प्राइवेट वार्ड विंग शुरू होने से कैंसर मरीजों को और अधिक सुविधा मिलेगी। लंबे समय से प्राइवेट वार्ड की जरूरत महसूस की जा रही थी। राष्ट्रीय कैंसर संस्थान की ओर से बाढ़सा गांव में शुरू सेंटर फॉर मेडिकल इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप कैंसर के बढ़ते मामलों व उन पर हो रहे शोध में अत्याधुनिक नवीनतम तकनीक के माध्यम से अनुसंधान को एक नई दिशा देने का काम करेगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडावीया ने इन सुविधाओं के उद्घाटन समारोह में टेली कम्यूनिकेशन को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक कारगर टूल बताया। कहा कि एक बार जब वे हरियाणा के झज्जर जिले से गुजर रहे थे तो आयुष्मान आरोग्य हेल्थ और वेलनेस सेंटर का बोर्ड देखा। वह आयुष्मान आरोग्य हेल्थ सेंटर में गए तो देखा कि वहां के कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर एक मरीज को देख रहे थे। उन्हें पता नहीं था की केन्द्रीय मंत्री भी वहां मौजूद हैं। हेल्थ ऑफिसर उस समय टेली-कम्यूनिकेशन कर रहे थे। पीजीआई चंडीगढ़ के किसी डॉक्टर के साथ उनका कंसल्टेशन चल रहा था। आपस में दोनों डॉक्टर बात कर रहे थे। पीजीआई के डॉक्टर ने मरीज से बात करवाने को कहा। उन्होंने मरीज से दो-तीन प्रश्न पूछे। प्रश्न पूछने के बाद पीजीआई के डॉक्टर ने कुछ मेडिसिन लिखने को कहा और एक सप्ताह के बाद फिर से उन्हें बात करने को कहा। उस गरीब मरीज को उस हेल्थ सेंटर पर टेलीकम्यूनिकेशन के माध्यम से इलाज नहीं मिलता तो उसे दिल्ली रेफर कर दिया जाता और उस गरीब मरीज को नुकसान होगा।