बहादुरगढ़। कनफेडरेशन ऑफ बहादुरगढ़ इंडस्ट्रीज (कोबी) ने जिले के 200 से ज्यादा लंबित एमएसएमई सब्सिडी मामलों का शीघ्र निस्तारण करने की मांग की है। सरकार ने 70 प्रतिशत सब्सिडी के आवेदन निरस्त कर दिए गए हैं। इससे उद्योगपतियों में काफी रोष व्याप्त है। कोबी ने विभिन्न मंचों पर जिले में लंबित एमएसएमई सब्सिडी मामलों की गंभीर स्थिति को उजागर करते हुए उनके जल्द निस्तारण की मांग की है। कोबी ने संबंधित विभागों को पत्राचार से इस मामले के बारे में विस्तार से बताया है।
कोबी के प्रधान प्रवीण गर्ग ने बताया कि जिले में एमएसएमई के अंतर्गत सब्सिडी लेने के लिए पिछले वर्ष करीब 512 आवेदन आए। जिसमें से 200 से ज्यादा अभी तक लंबित हैं। उद्यमी सब्सिडी की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इसमें से 130 से भी ज्यादा मामले तो ऐसे हैं जिनको सुलझाने की समय सीमा भी समाप्त हो चुकी है और 164 आवेदन अस्वीकार कर दिए गए हैं। इसका सीधा मतलब है कि जितने भी मामले खत्म किए गए हैं उनमें से 70 प्रतिशत को तो सरकार ने अस्वीकार किया है। कोबी ने पूर्व में भी केंद्र और राज्य सरकार से कई बार अपील की है कि वह सुनिश्चित करें कि इन पुराने मामलों का शीघ्र भुगतान हो, क्योंकि नया बजट घोषित होने वाला है और इन लंबित मामलों का निपटान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) देश की आर्थिक वृद्धि की रीढ़ हैं। अगर इन्हें इस प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ेगा, तो हमारे देश की प्रगति कैसे होगी? कोबी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाता रहा है और एक बार फिर संस्था केंद्र सरकार और राज्य सरकार से अनुरोध कर रही है कि इन लंबित मामलों का शीघ्र निपटान कर एमएसएमई के भविष्य को सुरक्षित करें। इसको लेकर गणपति धाम स्थित कोबी कार्यालय में मीटिंग हुई।