मतदान प्रक्रिया खत्म होते ही सोमवार को 58 प्रत्याशियों के भाग्य के फैसला ईवीएम में कैद हो गया। मतदाताओं ने तो अपना-अपना निर्णय ईवीएम में डाल दिया, मगर प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला ईवीएम से 24 अक्तूबर को मतगणना के बाद ही होगा। मतगणना के दौरान एक बटन दबाते ही चार प्रत्याशियों का भाग्य सूर्य की तरह चमक जाएगा। हालांकि अन्य प्रत्याशियों को जरूर निराशा होगा। उधर, अब तक चुनाव प्रचार में जुटे प्रत्याशी अब मतदान की समीक्षा करने में जुट गए हैं। वे पक्ष व विपक्ष में गई वोटों का अनुमान लगाने में जुट गए हैं और उन्होंने अभी से ही जीत-हार का आंकलन करना शुरू कर दिया है। दरअसल, चार विधानसभाओं से नाम वापसी के बाद 58 उम्मीदवार ही मैदान में रह गए थे। हालांकि इनमें से भी करीब तीन-चार उम्मीदवारों ने जीत की तरफ बढ़ रहे कुछ उम्मीदवारों को अपना समर्थन दे दिया था मगर चुनाव चिन्ह आवंटित होने के बाद मतदान के दौरान तो ईवीएम में उनके नाम व चिन्ह से भी एक बटन लगाया गया था। प्रत्याशी अपने-अपने पक्ष में चुनाव प्रचार कर रहे थे और सोमवार को मतदाताओं ने अपने मत का प्रयोग करते हुए प्रत्याशियों के भाग्य को ईवीएम में बंद कर दिया। अब ये ईवीएम 24 अक्तूबर को मतगणना के दौरान ही खुलेंगी, जिसके बाद पता चल पाएगा कि किस विधानसभा से किस उम्मीदवार का भाग्य चमकता है।