संवाद न्यूज एजेंसी
बादली। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बादली में गैंगस्टर विकास लगरपुरियां के गांव के घर पर छापामारी कर तलाशी ली। सुबह 4 बजे शुरू हुई एनआईए की छापेमारी दोपहर करीब 12 बजे तक हुई। एनआईए ने विकास की पत्नी और मां से घंटों तक पूछताछ की। घर में रखे दस्तावेजों को खंगाला। बताया गया है कि कुछ दस्तावेज टीम अपने साथ लेकर गई है।
विकास के खिलाफ हरियाणा समेत दिल्ली में कई मामले दर्ज हैं। मई 2022 में मोहाली में हुए आरपीजी हमले में शामिल होने के अलावा, हिंसक हत्याओं सहित कई अन्य आपराधिक गतिविधियों में भी शामिल रहा है। गुरुग्राम में 30 करोड़ रुपये की चोरी के कारण पुलिस उसके पीछे पड़ी हुई थी। उसके खिलाफ मकोका समेत कई केस दर्ज हैं। विकास लगरपुरिया कभी दिल्ली विश्वविद्यालय का छात्र हुआ करता था। मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाला विकास रामलाल आनंद कॉलेज से ग्रेजुएशन कर रहा था, पर ड्रॉप आउट होने के बाद उसका मन पढ़ाई से विचलित हो गया था। वर्ष 2009 में विकास की मुलाकात उसी के गांव से सटे एक अन्य गांव के रहने वाले धीरपाल काना से हुई थी। विकास लगरपुरिया पर कम से कम 16 केस दर्ज हैं। इनमें हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी जैसे मामले थे। विकास लगरपुरिया को जब पुलिस ने पकड़ा तो वो काफी दिनों तक जेल में बंद रहा।
मोबाइल नहीं रखता था
दिल्ली और हरियाणा से सटे जिलों में विकास और दुश्मन गैंग के बीच कई बार गोलीबारी की वारदात हुई। ज्यादातर दिल्ली का बाहरी इलाका विकास के जुर्म का ठिकाना था। जब विकास पर कानून की नजरें टेढ़ीं हुई तब उसके गैंग के कई सदस्य पकड़े गए, पर विकास हर बार पुलिस से बच निकलता था। वह पुलिस से बचने के लिए मोबाइल नहीं रखता था। कहा जाता है कि विकास ने गप्चू पहलवान की हत्या के लिए कई दिनों तक उसके महिला दोस्त की रेकी की थी और बाद में गप्चू की हत्या कर दी थी।
16 से ज्यादा केस दर्ज हैं।
-फोटो 62 : एनआईए जांच के दौरान विकास लगरपुरिया के घर के बाहर खड़ी पुलिस।