नए साल की शुरुआत में ही हरियाणा में रात 1:19 पर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। भूकंप विज्ञान के राष्ट्रीय केंद्र की वेबसाइट के अनुसार झज्जर का बेरी भूकंप का केंद्र रहा। जिसकी रिक्टर स्केल पर तीव्रता 3.8 रही। भूकंप का केंद्र महेंद्रगढ़-देहरादून फॉल्ट लाइन के पास रहा।
झज्जर-रोहतक व आसपास के लोगों ने शनिवार देर रात को रात 01:19 बजे भूकंप के तेज झटके महसूस किए। नए साल का जश्न मना रहे लोग भूकंप के झटके आने पर सहम गए और घरों से बाहर निकल आए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.8 दर्ज की गई। इसका केंद्र रोहतक और झज्जर के बीच झज्जर जिले के बेरी और दुजाना के पास के क्षेत्र मे रहा। हालांकि अभी तक किसी नुकसान की कोई खबर नहीं है।
हलचल जमीन से मात्र 5 किलोमीटर नीचे दर्ज की गई, जिस कारण काफी लोगों को यह भूकंप महसूस भी हुआ। रोहतक-झज्जर से गुजर रही महेंद्रगढ़-देहरादून फॉल्ट लाइन के नजदीक अकसर भूकंप आते रहते हैं। जिनपर राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र की भी सीधी नजर है।
यह है भूकंप का कारण
देहरादून से महेंद्रगढ़ तक जमीन के नीचे एक फॉल्ट लाइन है। इसमें अनगिनत दरारें हैं। इन दिनों इन दरारों में गतिविधियां चल रही हैं। इसके तहत प्लेट मूवमेंट करती हैं। इसके आपस में हल्की सी टकराने पर ही कंपन पैदा होता है। यह कभी भी कहीं भी हो सकता है। इसी वजह से भूकंप के झटके महसूस होते हैं।
भूकंप रोधी तकनीक से कम ऊंचाई वाले मकान बनाएं
ऐसे में क्षेत्र में लोगों को भूकंप रोधी पदार्थ से मकान बनाने चाहिए। लोगों को दो या तीन मंजिल से अधिक ऊंचे मकान नहीं बनाने चाहिए। मकान बनाने से पहले मिट्टी की जांच व भूकंप संबंधी अन्य बातों को जानना जरूरी है। मकान हल्के व मजबूत होने चाहिए।
जोन तीन और चार में आता है रोहतक और झज्जर
भूकंपीय जोनिंग मैप के अनुसार रोहतक-झज्जर जोन तीन और जोन चार में आता है। भारत में भूकंप को चार जोन में बांटा गया है। जिसमें जोन दो, तीन, चार और पांच शामिल है। इसको खतरों के हिसाब से आंका जाता है। जोन दो में सबसे कम खतरा और जोन पांच में सबसे अधिक खतरा होता है। मैप में जोन दो को आसमानी रंग, जोन तीन को पीला रंग, जोन चार को संतरी रंग और जोन पांच को लाल रंग दिया गया है। इसमें रोहतक जिले का दिल्ली साइड का क्षेत्र जोन चार व हिसार साइड का क्षेत्र जोन तीन में आता है।