झज्जर। झज्जर और आसपास के क्षेत्र में बुधवार को करीब साढ़े तीन घंटे हुई बरसात में शहर के गली मोहल्ले और सड़कों में जलभराव हो गया। शहर के बाजारों में भी पानी भर गया और लोगों को परेशानी हुई।
शहर तथा आसपास के क्षेत्र में बुधवार को मानसून की पहली अच्छी बरसात हुई। लगभग साढे़ तीन घंटे तक हुई बरसात से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं जलभराव की समस्या से लोगों को परेशानी में डाल दिए। नगर परिषद की तरफ से शहर में नालों की सफाई करवाई जा रही है, लेकिन सिल्ट को नहीं उठाया जा रहा। बारिश होने पर यह सिल्ट दोबारा नालों में चली जाती है। शहर के सिलानी गेट, बीकानेर चौक, पुरानी तहसील रोड, बर्फखाना रोड, पुराना बस अड्डा रोड, छारा चुंगी सहित अन्य मुख्य मार्गों पर पानी जमा हो गया। सिलानी गेट पर तो कई वाहन पानी के अंदर बंद हो गए, जिनको धक्का देकर निकालना पड़ा। जलभराव होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा लोगों का कहना है कि बारिश से पहले यदि नालों की सफाई हो जाती तो नालों का पानी सड़कों पर नहीं उतरता और ये नौबत नहीं आती।
जिले में 20 एमएम बारिश दर्ज
जिले में बुधवार को 35 एमएम बरसात दर्ज की गई। एक से तीन जुलाई तक 38.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है जबकि इस दौरान 68.9 मिलीमीटर बारिश होती है, जो सामान्य से 47 प्रतिशत कम है। बुधवार को अधिकतम तापमान 37 व न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
भीगते हुए घरों को गए बच्चे
बरसात ठीक डेढ़ बजे शुरू हो गई थी। दोपहर दो बजे सरकारी व निजी स्कूलों की छुट्टी हो जाती है। ऐसे में स्कूल की छुट्टी होने के बाद बरसात में ही बच्चे भीगते हुए घरों की तरफ रवाना हुए। इस कारण अधिकतर बच्चे भीग भी गए। बीकानेर चौक पर तो सबसे ज्यादा बुरा हाल था। पहले ही यहां नालों का गंदा पानी जमा था, लेकिन बरसात के बाद स्कूलों के बाहर के रास्ते ने तालाब का रूप ले लिया। इस कारण बच्चों को निकलने में परेशानी हुई। बच्चे गंदे पानी से ही निकलकर अपने घरों को गए।
दोपहर 2 बजे गई बिजली शाम 8 बजे चालू हुई
बारिश के चलते शहर के अधिकतर हिस्सों में बिजली गुल हो गई। दोपहर दो बजे गुल हुई बिजली शाम 8 बजे सुचारु हो सकी। शहर के बर्फखाना रोड, पुराना बस अड्डा, दमदमा मोहल्ला, हरिपुरा मोहल्ला, सिलानी गेट, बाजार के एरिया में कई घंटे तक बिजली गुल रही। इसके चलते लोगों को परेशानी हुई। अधिकतर जल्द फ्यूज उड़ने के कारण बिजली गुल हुई।