बहादुरगढ़। इन दिनों बहादुरगढ़ से पीरागढ़ी तक वाहनों के माध्यम से जाना किसी आफत से कम नहीं है। दिल्ली में प्रवेश करने से पहले टिकरी बॉर्डर पर टूटी सड़क आगंतुकों का स्वागत करती है। इसके बाद जैसे-तैसे यहां से निकल गए तो मुंडका से निकलने में लोगों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी।
यहां पर न केवल टूटी सड़क बल्कि जाम लोगों के लिए सिरदर्द बन रहा है। यह समस्या कोई एक-दो महीने से नहीं हो रही बल्कि वर्ष बीत चुका है। इस तरफ दिल्ली सरकार कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। प्रतिदिन बहादुरगढ़ से दिल्ली की तरफ हजारों लोग काम-धंधे के लिए आवागमन करते हैं, लेकिन काम पर जाने से पहले उन्हें यह परीक्षा देनी पड़ती है।
बहादुरगढ़ से दिल्ली के पीरागढ़ी चौक तक यूं तो अपने वाहन से कुल 25 से 30 मिनट का रास्ता है, लेकिन इन दिनों इसे तय करने के लिए लोगों को दो से ढाई घंटे का समय लग रहा है। मुंडका मेट्रो स्टेशन और रेड लाइट पर हालात इतने बदतर हैं कि यहां पर बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं। इन गड्ढों में बरसात का पानी जमा है। वाहन का पहिया इन गड्ढों में जाता है तो वह इनमें फंस जाते हैं और वाहन मालिक को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ मानसिक परेशानी भी झेलनी पड़ती है।
बहादुरगढ़ से दिल्ली जाने वाले ओमेक्स निवासी योगेश गुप्ता, लालचंद कॉलोनी निवासी योगेश कौशिक, देवेंद्र कौशिक, अग्रवाल कॉलोनी निवासी मुकेश बंसल ने कहा कि अब उन्होंने अपने वाहन दिल्ली में ले जाने छोड़ दिए हैं, क्योंकि उन्हें बहादुरगढ़ से सदर बाजार जाना होता है और वहां अपने वाहन से पहुंचने में इन दिनों से तीन घंटे का समय लग रहा है। दो घंटे तो बहादुरगढ़ से पीरागढ़ी तक लग जाते हैं। इसके बाद आगे जाम की स्थिति बन जाती है। अब उन्होंने ट्रेन और मेट्रो का सहारा लेना शुरू कर दिया है। टिकरी बॉर्डर पर भी बड़े-बड़े गड्ढे बनने से यह पता नहीं चल रहा कि सड़क में गड्ढे बने हैं या गड्ढों में सड़क। दिल्ली सरकार पूरी तरह सड़क की हालत सुधारने में नाकाम हो रही है।