झज्जर। कुत्तों का आतंक दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार शाम तीन बच्चों और दो बुजुर्गों को कुत्तों ने शिकार बनाया। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार 9 माह में आवारा कुत्तों के साथ-साथ पालतू कुत्तों ने लगभग 600 से अधिक लोगों को शिकार बनाया है। सिविल अस्पताल में एंटी रेबीज टीका तो है लेकिन ज्यादा जख्म होने पर एंटी रेबीज सीरम उपलब्ध नहीं है। इसके चलते लोगों को रोहतक पीजीआई रेफर किया जा रहा है।
शहर के हरिपुरा मोहल्ले में शुक्रवार शाम को गली में खेल तीन बच्चों व दो बुजुर्ग लोगों को आवारा कुत्तों ने काट लिया। गली में खेल रहे चार साल के रिवांश व हितांश को आवारा कुत्तों ने बुरी तरह से काट किया। गली में पड़ोसियों ने बड़ृी मुश्किल से आवारा कु्त्तों की पकड़ से दोनों बच्चों व बुजुर्गों को बचाया गया। बीते दिन भी शहर के चोपटा बाजार व डायमंड चौक पर एक कुत्ते ने कई लोगों को बुरी तरह से घायल कर दिया था। हरिपुरा मोहल्ले की निवासी शशि, आशा, जगदीश, मोहन, सजंय, जयपाल लांबा, रमेश सोनी, राजेश, सन्नी, पुष्पा, मालती ने बताया कि पागल व गली के आवारा कुत्ते आए दिन किसी न किसी को काटकर घायल कर रहे हैं। पार्षद, चेयरमैन व नप के अधिकारियों से गुहार लगा चुके है लेकिन आवारा कुत्तों को पकड़ने की कोई व्यवस्था नहीं की जा रहीं है। इससे शहरवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं।शहर में कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता रहा है, लेकिन नप प्रशासन की और से कोई विशेष कार्रवाई नहीं की जा रही है।
सन्नी, हरिपुरा मोहल्ला
मेरा बेटा शाम को गली में खेल रहा था। अचानक एक कुत्ते ने हाथ को बुरी तरह से काट लिया। हर रोज कुत्ते लोगों को अपना निशाना बना रहें हैं।
शशि, हरिपुरा मोहल्ला
मेरे पांच साल के बेटे को शाम के समय कुत्ते ने काट लिया। प्रशासन को कई बार आवारा कुत्तों को पकड़वाने के लिए गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं हो रहा हैं।
आशा देवी, हरिपुरा मोहल्ला
किस माह कितने टीके लगे
माह टीकाकरण
जनवरी- रेबीज के टीके खत्म
फरवरी - रेबीज के टीके खत्म
मार्च - 60
अप्रैल - 56
मई - 111
जून - 72
जुलाई - 107
अगस्त- 106
सितंबर- 110
वर्जन
एंटी रेबीज टीके सामान्य अस्पताल में फिलहाल मौजूद है। एंटी रैबीज टीके खत्म हाेने से पहले ही वेयरहाउस व मुख्यालय को डिमांड भेज दी जाती हैं।
डॉ. नरेश दहिया, चिकित्सा अधीक्षक, सिविल अस्पताल, झज्जर
वर्जन
कुत्तों के काटे के मामले बढ़ रहे हैं। इस मामले में नप के अधिकारियों से बात की गई है। नप अधिकारी कहते है कि यह काम वन विभाग का है।
सुषमा, पार्षद, वार्ड नंबर-9, झज्जर