बहादुरगढ़। प्रदूषण एक बार फिर गंभीर स्तर पर पहुंच गया है। दिवाली से दो दिन पहले हुई बारिश से जहां मौसम साफ हो गया था। सूर्य देव भी चमकने लगे थे लेकिन दिवाली पर हुई आतिशबाजी के बाद फिर से स्थिति खराब हो गई है। लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ महसूस होने लगी है। मंगलवार को बहादुरगढ़ में एक्यूआई साढ़े 300 के पार हो गया। शाम को एक्यूआई 350 दर्ज किया गया। स्मॉग भी रहा।
चिकित्सकों के अनुसार यह एक्यूआई डायबिटीज, अस्थमा व त्वचा रोगियों के लिए बेहद खतरनाक है। ऐसे मरीजों को इस मौसम में घर से बाहर निकलने से परहेज करना चाहिए। वहीं, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी पहले से भविष्यवाणी कर दी थी कि दिवाली पर आतिशबाजी के बाद प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच जाएगा और वह लोगों के लिए परेशानी खड़ी करेगा। बोर्ड के अधिकारी इसका प्रमुख कारण कमजोर हवएं, पराली का धुआं और दिवाली पर हुई आतिशबाजी को वजह मान रहे हैं। बहादुरगढ़ के एक्यूआई पर नजर डालें तो मंगलवार को पीएम 2.5 का उच्चतम स्तर सायं 4 बजकर 5 मिनट पर 402 दर्ज किया गया। जबकि न्यूनतम 313 और औसतम 354 पर रही। यह गंभीर स्तर है। मौसम विभाग के अधिकारियों ने कहा कि प्रदूषण का स्तर तभी कम हो सकता है जब तेज हवाएं चलें। वेस्टर्न डिस्टरबेंस आएं या फिर हल्की बारिश हो। फिलहाल इन तीनों में कोई भी स्थिति नहीं बन रही है। ऐसे में प्रदूषण का स्तर इसी तरह का बना रहेगा। मंगलवार को दिन भर स्मॉग भी छाया रहा। सूर्य देव भी आसमान में नहीं चमके।
व्यस्क लोग कैसे करें बचाव
-मास्क पहने बिना ऑफिस या फील्ड पर ना जाएं।
-कई लोग खांसी-जुकाम शुरू होते ही एंटीबॉयोटिक और स्टीम का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसका उनकी सेहत पर बुरा असर भी हो रहा है। बिना डॉक्टर सलाह के ऐसा न करें।
-डॉ. मनीष शर्मा, निदेशक, ब्रह्मशक्ति संजीवनी अस्पताल (उजाला सिग्नस)