साल्हावास। बच्चों की देखभाल करने वाला गांव धनिया का आंगनबाड़ी केंद्र खुद बीमार है। इसका भवन जर्जर हो गया है। इसमें दरारें आ गई हैं।छत से पानी रिसता है। ग्रामीणों का कहना है कि यहां कभी भी हादसा हो सकता है। बच्चों की जान जोखिम में है। उन्होंने जर्जर भवन का पुर्ननिर्माण कराने की मांग की।
ग्रामीणों ने बताया कि धनिया गांव में आंगनबाड़ी केंद्र 2013 में बनाया गया था। कई वर्ष बीत गए पर संबंधित विभाग द्वारा समय पर मरम्मत न कराने के कारण भवन जर्जर हो चुका है। भवन के गिरने का खतरा बना हुआ है। बिजली के उपकरण जल चुके हैं। यहां 50 बच्चे आते हैं। बच्चे बढ़ने की भी गुंजाइश है। अधिकतर ग्रामीण भवन की खस्ता हालत के कारण बच्चों को आंगनबाड़ी भवन में नहीं भेजते। आंगनबाड़ी में होने वाले सरकारी कार्य टीकाकरण आदि कार्य सुविधा न होने के कारण पंचायत भवन में ही करवाएं जाते हैं। ग्रामीणों ने शीघ्र नया आंगनबाड़ी भवन बनाने की मांग की है। सा केंद्र में नए भवन निर्माण के साथ साथ किचन शेड, बाउंड्री वाल भी बनवाया जाएगा। आंगनवाड़ी सुपरवाइजर शर्मिला ने बताया कि वे इस संबंध में खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी को पत्र भेज चुकी है और इसके अलावा स्थानीय पार्षद को भी इस संबंध में पत्र भेज कर बजट कम होने पर रिपेयरिंग करवाने व बजट अधिक होने पर भवन के नव निर्माण के लिए कहा गया है।
शौचालय में लगी खाली सीट
आंगनबाड़ी केंद्र में बने शौचालय में केवल सीट लगाई गई है। यहां पर पानी की व्यवस्था भी नहीं है। जगह-जगह दीवारें टूटी हुई हैं। शौचालय का दरवाजा भी टूटा हुआ है। इस कारण बच्चों और आंगनबाड़ी वर्कर को भी शौचालय जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। छत का प्लास्टर भी जगह-जगह से उतरा हुआ है। लेंटर के अंदर डाले गए लोहे के सरिये साफ दिखाई दे रहे हैं।
वर्जन
भवन की हालत जर्जर है। विभाग को इस तरफ ध्यान देना चाहिए। यदि विभाग इस भवन को कंडम घोषित करता है तो वह ग्रांट से नए भवन को बनवाने के लिए तैयार हैं।
संजय सिंह, पार्षद