झज्जर। प्रदेश में आदर्श चुनाव आचार संहिता लग चुकी है। अब ऐसे विकास कार्य नहीं हो सकेंगे, जिन पर काम शुरू नहीं हुआ है। ऐसे मेंपिछले साल अक्तूबर में वैध हुई शहर की 32 कालोनियों में होने वाले विकास कार्य अटक कर रह गए हैं। इनमें गलियों व नालियों का निर्माण किया जाना था, लेकिन अब यह काम चुनाव आचार संहिता हटने के बाद शुरू हो सकेंगे।
पिछले कई सालों से इन कालोनियों के लोग विकास का इंतजार कर रहे थे, लेकिन अब कालोनियों का विकास अक्तूबर में चुनाव आचार संहिता हटने और नई सरकार में होगा। इसके अलावा आम जनता की प्रतिदिन समाधान शिविर में होने वाली सुनवाई भी अब बंद हो गई है। सोमवार से लघु सचिवालय सभागार में लगने वाले संवाद शिविर अब तक नहीं लगेंगे। 10 जून को प्रदेश सरकार ने हर जिले में सुबह 9 से 11 बजे तक समाधान शिविर लगाने के आदेश जिला प्रशासन को दिए थे। इसके बाद से ही समाधान शिविर लगाए जा रहे थे। इन शिविरों में अब तक 3200 शिकायतें आ चुकी हैं, जिसमें से लगभग 2700 शिकायतों का समाधान हुआ है और 500 शिकायतें लंबित हैं, लेकिन अब सोमवार से यह समाधान शिविर नहीं लगेंगे।
सरकारी होर्डिंग और बैनर उतारे,कई जगह अभी भी लगे
चुनाव आचार संहिता लगने के 24 घंटे के बाद भी कई जगहों पर सरकार के होर्डिंग व बैनर अब तक नहीं उतारे गए हैं और न ही उतारने की कोई कार्रवाई की गई है। कुछ जगहों पर डीपीआरओ कार्यालय की साइट से सरकारी होर्डिंग व बैनर उतारने का काम शनिवार से कर दिया गया। लगभग सरकारी 45 साइटों से यह सामग्री हटाई गई है।